लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार NCR (नेशनल कैपिटल रीजन) की तर्ज पर अब SCR (स्टेट कैपिटल रीजन) विकसित करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कंसल्टेंट कंपनियों का चयन कर लिया गया है, और अब अगले 6 वर्षों में SCR का मास्टर प्लान तैयार कर लागू किया जाएगा। योजना का संचालन एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) की निगरानी में होगा, और इसमें विश्व बैंक की तकनीकी सहायता भी शामिल रहेगी।
71 करोड़ की लागत से बनेगा मास्टर प्लान
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मीडिया को बताया कि AECom India Pvt. Ltd. और Aegis Consulting Engineers Pvt. Ltd. को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। पहले एक साल में रीजनल प्लान तैयार किया जाएगा। इसके बाद पांच वर्षों में विकास परियोजनाओं की डीपीआर बनेंगी और चरणबद्ध क्रियान्वयन होगा
26000 वर्ग किमी में फैलेगा SCR
SCR का कुल क्षेत्रफल 26000 वर्ग किलोमीटर होगा। जिसमें लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली शामिल होंगे। योजना में निम्नलिखित बिंदु शामिल होंगे। हाई-स्पीड कनेक्टिविटी (रैपिड रेल, रिंग रोड, एक्सप्रेसवे),अधोसंरचना अपग्रेडेशन,औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों का विकास, Missing road networks की पहचान और निर्माण किया जाएगा।
गांवों तक पहुंचेगी शहरी सुविधाएं
योजना का एक विशेष पहलू यह है कि गांवों तक शहरी विकास की सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी, जैसे जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी,सड़क और सार्वजनिक परिवहन। इससे ग्रामीण पलायन में कमी आएगी और गांवों का जीवन स्तर सुधरेगा।
निवेश के लिए नया केंद्र बनेगा SCR
SCR को निवेश फ्रेंडली जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब,औद्योगिक गलियारे को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाएं तकनीकी सलाह, फाइनेंसिंग और मॉनिटरिंग में सहयोग करेंगी।
पायलट मॉडल से देशभर में विस्तार की योजना
सरकार SCR को पायलट मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है, ताकि सफलता के बाद इसे अन्य मेट्रो सिटीज में भी लागू किया जा सके। “रीजनल प्लान पूरा होते ही जमीनी विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। यह योजना प्रदेश के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करेगी।” प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए
