बीडीए उपाध्यक्ष ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों और रामगंगा नगर का किया औचक निरीक्षण, ठेकेदारों व अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, गुणवत्ता में लापरवाही पर ब्लैकलिस्टिंग तक की चेतावनी
बरेली : बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शहर में अवैध निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को उपाध्यक्ष ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर स्पष्ट कर दिया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं रामगंगा नगर सहित विभिन्न परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, अनुरक्षण और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं ठेकेदारों को समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए।
बिना नक्शे निर्माण पर कठोर कार्रवाई

उपाध्यक्ष ने डोहरा रोड,पीलीभीत बाईपास, सतीपुर चौराहा, 100 फुटा रोड, मिनी बाईपास और रामपुर रोड सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भवन स्वामी को निर्माण शुरू करने से पहले बरेली विकास प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि हर निर्माण स्थल पर स्वीकृत मानचित्र संख्या, स्वीकृति तिथि और अन्य आवश्यक विवरण वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि यह स्पष्ट रहे कि निर्माण नियमानुसार हो रहा है।
सीलिंग और ध्वस्तीकरण की चेतावनी
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन भवनों में स्वीकृत मानचित्र से विचलन पाया जाए, वहां नियमानुसार कंपाउंडिंग कराई जाए। जबकि जो निर्माण नियमों के अनुरूप वैध नहीं किए जा सकते, उनके खिलाफ तत्काल सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पूरी जिम्मेदारी संबंधित निर्माणकर्ता की होगी।
रामगंगा नगर की परियोजनाओं का भी हुआ निरीक्षण

उपाध्यक्ष ने रामगंगा नगर आवासीय योजना, बीडीए कार्यालय, नवीन ऑफिस कॉम्प्लेक्स, ब्रह्मपुत्र एन्क्लेव, सेक्टर-06, सेक्टर-07 स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र, सेक्टर-08 के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और लाइब्रेरी, सेक्टर-09 के कन्वेंशन हॉल, सेक्टर-11 तथा ग्रेटर बरेली में चल रहे विकास कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।
बिजली, सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर, केबल नेटवर्क, सड़कें, इंटरलॉकिंग, नालियां, सीवर, पेयजल पाइपलाइन, स्ट्रीट लाइट, पार्क, हरित क्षेत्र और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। जहां भी सड़क क्षतिग्रस्त, नालियों में सिल्ट, सीवर की हूं अब उन उन अब समस्या, बंद स्ट्रीट लाइट या अन्य तकनीकी खामियां मिलीं, वहां संबंधित अभियंताओं को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए गए।
ठेकेदारों पर सख्त चेतावनी

उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य पर दो वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि लागू है। इस दौरान यदि किसी निर्माण में धंसाव, दरार, रिसाव या गुणवत्ता संबंधी कोई कमी मिलती है तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर उसे ठीक करना होगा।उन्होंने चेतावनी दी कि सुधार कार्य में लापरवाही या देरी होने पर नोटिस जारी करने के साथ सुरक्षा निधि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट करने, अनुबंध समाप्त करने और आर्थिक दंड सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
उपाध्यक्ष ने अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे केवल आदेश जारी करने तक सीमित न रहें बल्कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। यदि समय पर सुधार नहीं कराया गया तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
नागरिकों से अपील
बरेली विकास प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से मानचित्र स्वीकृत कराएं और केवल स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही निर्माण करें, ताकि भविष्य में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
