गोरखपुर/लखनऊ : यूपी के गोरखपुर में स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत 32 वर्षीय डॉ. अबीशो डेविड शुक्रवार को अपने हॉस्टल रूम में मृत पाए गए। जिससे पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। शव के पास से सिरिंज और दवाइयों की शीशियां मिलने से मौत के पीछे आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी हर पहलू से जांच कर रही है।
विभाग में न पहुंचने पर किया तलाश
सुबह 10 बजे तक जब डॉक्टर डेविड विभाग में नहीं पहुंचे, तो साथी स्टाफ ने उन्हें कॉल किया। जब कोई उत्तर नहीं मिला, तो एक कर्मचारी हॉस्टल पहुंचा। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से झांक कर देखा गया तो डॉक्टर बेड पर अचेत अवस्था में पड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया गया।
कमरे से सिरिंज और शीशियां बरामद
पुलिस ने बताया कि कमरे से सिरिंज, संभावित दवाइयों की शीशियां और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि “प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मौत का कारण किसी दवा का अधिक डोज हो सकता है, लेकिन आत्महत्या है या हत्या, यह फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगा।”
जानें डॉ. डेविड का बैकग्राउंड
डॉ. अबीशो डेविड केरल के पामपडीमोकुझी के निवासी थे और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे। उनका परिवार केरल में ही रहता है। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम ने मौके से कई नमूने जुटाए हैं। हॉस्टल में रह रहे अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी कहा है कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।”
