सीबीगंज के परधौली में भीषण हादसे ने खोला अपहरण का राज, गुरुग्राम से अगवा 6 साल के मयूर और 3 साल के लक्ष्य की पहचान मां ने की, एक आरोपी जिंदा
बरेली/गुरुग्राम : यूपी के बरेली में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सनसनीखेज किडनैपिंग केस का पर्दाफाश होने की बात सामने आ रही है। रविवार को सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास बड़ा बाईपास पर हुए इस हादसे में जहां पांच लोगों की मौत हुई, वहीं दो मासूम बच्चों की जिंदगी बच गई,जो दरअसल गुरुग्राम से अगवा होने की बात बताई जा रही है। हालांकि, इंस्पेक्टर सीबीगंज ने “The Justice Hindi” को बताया जांच में लगे हैं। बच्चों के परिजनों को बुलाया गया है। उन्होंने बच्चों के लापता होने की बताई है। इस मामले में गुरुग्राम के एक थाने में मामला दर्ज है। उनके आने के बाद बच्चों के अपहरण की पूरी बात सामने आ जाएगी।
कैसे हुआ हादसा और क्या निकला सच?
रविवार शाम हाईवे पर खड़े शीरा (मोलासेस) से भरे टैंकर में तेज रफ्तार बोलेरो कार जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई थी।इसमें मनमोहन (फरीदपुर, बरेली), सिकंदर (चकरपुर, पीलीभीत),विशेष कुमार (रामपुर) थे। इसके साथ ही प्रिंस (रामपुर) गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस दौरान दो अज्ञात बच्चे (बाद में पहचान हुई) है, जबकि इस हादसे में पीछे से टकराए बाइक सवार मुमतियाज और साहब खान की भी मौत हो गई।
जांच में बड़ा राज खुलने की उम्मीद, क्या थे अपहरणकर्ता
विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो जब पुलिस ने घायल बच्चों की शिनाख्त कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दोनों बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ थाना क्षेत्र से अपहृत थे।बच्चों की पहचान 6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य के रूप में हुई। उनकी मां पूजा ने 4 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। फोटो मिलान के बाद मां ने दोनों बच्चों को पहचान लिया। हालांकि, अभी The justice Hindi ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं करता है।
क्या किडनैपिंग की साजिश ऐसे रची गई?
बताया जाता है कि जांच में सामने आया कि बच्चों के पिता मनोज (ऑटो चालक) को भी अगवा किया गया था। अपहरण से दो दिन पहले मनोज की एक संदिग्ध व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। आशंका है कि रंगदारी या फिरौती के लिए पूरी साजिश रची गई। मगर, हादसे के बाद बरेली पुलिस ने तुरंत गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया। इस मामले में डीएलएफ फेस-1 थाना पुलिस के SHO मनोज कुमार जांच में जुटे थे।सर्विलांस के जरिए बंधक बनाए गए पिता मनोज को भी ट्रेस कर लिया गया। अब पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। एसपी सिटी बरेली मानुष पारीक खुद रातभर इस केस के खुलासे में जुटे रहे हैं। मगर, पुलिस की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
कुदरत का इंसाफ या हादसा?
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधी कितनी भी साजिश रच लें, लेकिन कभी-कभी कुदरत भी अपना न्याय करती है। जिस बोलेरो में बच्चों को अगवा कर ले जाया जा रहा था, वही गाड़ी हादसे का शिकार हुई। मृतकों के पिता के बताया कि 15 दिन पहले ही नई कार खरीदी थी। हादसे में कार सवार तीन अपहरणकर्ताओं की मौत हो गई, और दो मासूम बच्चों की जान बच गई। मगर, दो राहगीर भी हादसे का शिकार हो गए। फिलहाल स्थिति दोनों बच्चों का इलाज जारी है, तो वहीं मृतकों के पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं। एक आरोपी प्रिंस जिंदा है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
