बरेली/गाजियाबाद: गाजियाबाद जिले के गांव भूपखेड़ी, थाना टीला मोड़ निवासी कुख्यात डकैत इफ्तेकार उर्फ शैतान को गुरुवार सुबह नैनीताल हाईवे स्थित बिलवा पुल के पास पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। रविवार तड़के करीब पांच बजे अवाम-ए-खिदमात कमेटी की देखरेख में उसका सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
पत्नी और ग्राम प्रधान पहुंचे कब्रिस्तान
सूत्रों के अनुसार, सुपुर्द-ए-खाक के समय शैतान की पत्नी और उसके गांव के प्रधान की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। फिलहाल दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
डकैती और बंधक बनाकर लूट का मामला
नवंबर 2024 में बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर जसरथपुर गांव में किसान केसर खां के घर पर हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर डकैती की थी। इस घटना के बाद 4 अक्टूबर को पुलिस ने मुरादाबाद निवासी अफताब उर्फ सैफ और शाहजहांपुर निवासी देवेंद्र को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने शैतान का नाम उजागर किया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया।
सात जिलों में 19 मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शैतान पर सात जिलों — वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद और बरेली — में हत्या, लूट और डकैती के कुल 19 मुकदमे दर्ज थे। कई मामलों में उसने डकैती के दौरान गृहस्वामियों की हत्या भी की थी। इनमें मेरठ और बरेली में हुए दोहरे हत्याकांड जैसी वारदातें शामिल हैं।
गिरोह का ‘रेकी और छिपाव’ नेटवर्क
पुलिस जांच से पता चला है कि छैमार गिरोह, जिससे शैतान जुड़ा था, संगठित रूप से बाहर जिलों में वारदातें करता था। गिरोह के सदस्य अक्सर बैंड पार्टियों या शादी समारोहों में शामिल होकर इलाके की रेकी (जासूसी) करते थे। वे ऐसे घरों को निशाना बनाते थे जहां बुज़ुर्ग या कम सदस्य रहते हों। रेकी के बाद गिरोह पूरी योजना बनाकर डकैती करता था और अक्सर हत्या जैसी जघन्य वारदातों को भी अंजाम देता था। पुलिस का कहना है कि शैतान हर वारदात के बाद अपना नाम और ठिकाना बदल लेता था ताकि पकड़ से बच सके।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शैतान से जुड़े सभी जिलों के अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश और उनके नेटवर्क की पहचान की जा रही है। साथ ही, शैतान के परिवार और करीबी संपर्कों से पूछताछ जारी है ताकि गिरोह की बाकी कड़ियां खोली जा सकें।
