बदायूं : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार हो चुका है और 29 अप्रैल को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है।
यह एक्सप्रेसवे अपनी अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के कारण खास माना जा रहा है। यहां पर पारंपरिक टोल प्लाजा की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब वाहनों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, बल्कि ‘नो-स्टॉप टोल कलेक्शन सिस्टम’ के जरिए वाहन चलते-चलते ही टोल का भुगतान कर देंगे। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं लंबी कतारों और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
इस हाईटेक व्यवस्था के तहत पूरे एक्सप्रेसवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे लगाए गए हैं। लगभग हर एक किलोमीटर की दूरी पर लगे ये कैमरे वाहनों की गति, संख्या और नंबर प्लेट की पहचान करने में सक्षम होंगे। इससे टोल वसूली पूरी तरह पारदर्शी और सटीक होगी। साथ ही यह सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, दुर्घटना या ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी होगा, जिससे संबंधित एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।
एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के लिए इसके दोनों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बाहरी वाहनों, पैदल यात्रियों और मवेशियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकना है। अक्सर हाईवे पर मवेशियों या अचानक सामने आ जाने वाले लोगों की वजह से दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इस व्यवस्था से ऐसे खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इससे वाहन चालकों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बदायूं जिले में इस एक्सप्रेसवे के किनारे छह नई पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इन चौकियों पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा, जो लगातार निगरानी करेगा। इन चौकियों को आधुनिक संसाधनों और संचार तकनीक से लैस किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाएं भी तैनात रहेंगी, जिससे दुर्घटना या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता समाप्त होने से समय की काफी बचत होगी और यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। यहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे लंबी दूरी का सफर कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
29 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हरदोई जिले में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है, जबकि बदायूं में भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण और जनसभा आयोजित की जाएगी। बिनावर के पास घटपुरी इंटरचेंज के समीप कार्यक्रम स्थल लगभग तय किया जा चुका है, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक शामिल होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है और सुरक्षा, यातायात तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में यातायात व्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी और यह परियोजना विकास की नई कहानी लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
