लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री राम गोविन्द चौधरी ने भारत सरकार से यह मांग की है कि वह अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की हालिया प्रेस वार्ता में महिला पत्रकारों को प्रवेश न देने पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करे। उन्होंने कहा कि यह घटना भारतीय संविधान की मूल भावना समानता और महिलाओं के अधिकार का अपमान है। चौधरी ने इसे “तालिबानी आदेश का पालन” बताते हुए कहा कि ऐसी चुप्पी महिला विरोधी ताकतों को प्रोत्साहित करती है। “भारतीय संविधान में महिला हो या पुरुष, सभी को बराबरी का अधिकार मिला है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस वार्ता में महिला पत्रकारों को रोकना संविधान और समता दोनों का अपमान है। भारत सरकार को इस पर माफी मांगनी चाहिए।”
डॉ.लोहिया महिलाओं को विशेष अधिकार देने के पक्षधर
उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया महिलाओं को केवल बराबरी नहीं, बल्कि विशेष अधिकार देने के पक्षधर थे। लोहिया की सप्त क्रांति में महिलाओं की मुक्ति और सम्मान को प्रमुख स्थान दिया गया था।
लोकतंत्र के लिए कलंक
पूर्व मंत्री राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि आज जब महिला सशक्तिकरण की बातें की जा रही हैं, तो ऐसे में महिला पत्रकारों को रोके जाने की घटना लोकतंत्र के लिए कलंक है। “हम समाजवादियों का यह कर्तव्य है कि हम इस अपमानजनक कृत्य पर खेद जताने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार को जवाबदेह बनाएं।” कार्यक्रम के दौरान समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद फहद, वरुण यादव (राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव), वीरेंद्र यादव, शोहेल अबरार, कोमल गुर्जर, प्रियांशु राज यादव, अनुराग चौधरी, छोटू तोमर, लालवचन चौधरी, रामाधार यादव, रणजीत चौधरी, सुनील राम, जितेन्द्र राजभर और अन्य समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
