पीलीभीत : कलीनगर तहसील क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। शारदा सागर डैम से निकलने वाली खरजा नहर में नहाने के दौरान एक 21 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन, पुलिस तथा एसएसबी की टीमें युवक की तलाश में जुट गईं। देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार बरेली जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव डारिया बीरम नगला निवासी मनीष उर्फ आकाश राठौर अपने आठ दोस्तों के साथ घूमने के लिए पीलीभीत के शारदा सागर डैम क्षेत्र पहुंचा था। सभी युवक शनिवार को घूमने-फिरने के उद्देश्य से यहां आए थे। पहले उन्होंने डैम क्षेत्र का भ्रमण किया और उसके बाद गर्मी से राहत पाने के लिए पास से गुजर रही खरजा नहर में नहाने चले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी युवक नहर में नहा रहे थे। इसी दौरान मनीष उर्फ आकाश धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि नहर में पानी का बहाव काफी तेज था और गहराई भी अधिक थी। अचानक मनीष का संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा। उसे डूबता देख साथियों ने शोर मचाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण वे उसे बाहर नहीं निकाल सके। कुछ ही पलों में मनीष पानी में लापता हो गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद युवकों में हड़कंप मच गया। सभी ने तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रमनगरा चौकी प्रभारी मनोज तोमर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा कलीनगर तहसील के तहसीलदार रविंद्र कुमार और सिंचाई विभाग के कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
युवक के डूबने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया। एसएसबी को भी सूचना भेजी गई, जिसके बाद नगरिया कट स्थित एसएसबी बटालियन के जवान मौके पर पहुंचे। एसएसबी की टीम ने मोटर बोट की सहायता से नहर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने नहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।
मनीष के साथ आए दोस्तों ने बताया कि उनके समूह में विशाल, प्रमोद, रंजीत, रवि, अर्जुन, अयोध्या प्रसाद, अरविंद और रमन शामिल थे। सभी युवक एक ही गांव के रहने वाले हैं और घूमने के लिए एक साथ यहां आए थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह सैर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।
हादसे की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मनीष के पिता राम बहादुर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। बेटे के डूबने की खबर सुनकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्य भी सदमे में हैं। परिजनों के मुताबिक मनीष परिवार का सबसे छोटा बेटा था। उसके परिवार में दो बहनें और एक बड़ा भाई है। वह फोटोग्राफी का काम करता था और परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि खरजा नहर में अक्सर पानी का बहाव काफी तेज रहता है। इसके बावजूद कई लोग गर्मी के मौसम में यहां नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा संबंधी चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
देर शाम तक एसएसबी, पुलिस, सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं। अधिकारियों का कहना है कि युवक की तलाश के लिए अभियान जारी रखा जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है और परिजन मनीष के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
