रुपया-महंगाई- बेरोजगारी पर हमला: अखिलेश ने कहा-BJP हर सच्चाई छुपाना चाहती है!
लखनऊ/फतेहपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को फतेहपुर सीकरी और इटावा में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का नारा ‘जय जवान, जय किसान, जय संविधान’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान किसी पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की बुनियाद है। “संविधान को बचाने पर संसद में बहस होना लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा दुख है। संविधान कमजोर होगा तो लोकतंत्र भी कमजोर होगा।

“संविधान ही संजीवनी है, संविधान ही पीडीए का प्रकाश स्तंभ”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान ही देश को बेहतर दिशा देता है और यह लोकतंत्र का ‘कर्मग्रंथ’ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का PDA (पिछड़ा- दलित-अल्पसंख्यक) गठजोड़ संविधान में विश्वास रखने वाला गठबंधन है। “संविधान ही हमारा रक्षा कवच है, ढाल है। जो संविधान नहीं मानते, उनके लिए यह कोरा पन्ना है। संविधान लोकतंत्र की प्राणवायु है।” अखिलेश ने कहा कि संविधान को निष्क्रिय करना असल में स्वतंत्रता को निष्क्रिय करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे कदम उठा रही है जो संविधान की आत्मा के खिलाफ हैं।

‘उद्योगपति बनाम सरकार’ पर तीखा बयान
फतेहपुर सीकरी में अखिलेश यादव ने कहा कि “सरकार ताकतवर होनी चाहिए, उद्योगपति नहीं। अगर उद्योगपति ताकतवर होंगे तो जनता को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने कहा कि आज देश में नीतियाँ आम जनता के लिए नहीं, खास लोगों के लिए बन रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आर्थिक मुद्दों से चर्चा हटाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठाती है। उन्होंने कहा कि “रुपया कहाँ जा रहा है, महंगाई कितनी है, बेरोजगारी कितनी है, थानों में लूट मची है, अगर दुनिया यह सब जान गई तो देश की साख प्रभावित होगी। यही कारण है कि BJP सब कुछ छुपाना चाहती है।”
अंबेडकर- संविधान- समरसता पर संदेश
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के संविधान ने ही देश में बराबरी, सम्मान और हक को सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि “संविधान की वजह से हमें हक और सम्मान मिले हैं। यह PDA के लिए किस्मत की किताब है।”उन्होंने आगे कहा कि देश की मिली-जुली संस्कृति और हिंदुस्तानियत को और मज़बूत होना चाहिए।
एन्काउंटर, बुलडोजर और प्रशासनीय कार्रवाई पर तंज
उन्होंने यूपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “कफ सिरप ने न जाने कितनों की जान ले ली, लेकिन बुलडोजर पता नहीं कहाँ है… शायद चाभी खो गई।”चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कि विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर अखिलेश यादव ने कहा “इलेक्शन कमिशन की एक्सरसाइज वोट बढ़ाने के लिए होनी चाहिए, लेकिन देखा जा रहा है कि यह वोट कटवाने का प्रयास है।”
“करो या मरो- संविधान बचाओ आंदोलन की ज़रूरत”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आज देश को एक और बड़े आंदोलन की ज़रूरत है कि “संविधान बचेगा तो न्याय बचेगा। सबको स्थान, सबको सम्मान तभी मिलेगा।”उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर है।
परिनिर्वाण दिवस पर सपा का संकल्प-‘संविधान ही संजीवनी, लोकतंत्र ही पहचान
सपा ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर राज्य मुख्यालय लखनऊ समेत सभी जिलों में माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। लखनऊ मुख्यालय में पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जबकि हजरतगंज स्थित प्रतिमा पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर श्रद्धांजलि देते हुए डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का महान शिल्पकार बताया और कहा कि उनका संघर्ष भारतीय लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम को अनुमति न देकर बाबा साहब का नहीं, बल्कि पूरे PDA समाज का अपमान किया है।
