लोहिया जयंती पर समाजवाद का संदेश, जातीय जनगणना से लेकर महंगाई, किसानों और बंगाल चुनाव तक कई मुद्दों पर बोले सपा प्रमुख
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले हैं। लखनऊ में लोहिया पार्क पहुंचकर उन्होंने समाजवादी विचारधारा, जातीय जनगणना, महंगाई, किसानों की समस्या और राजनीतिक घटनाक्रमों पर खुलकर अपनी बात रखी। इससे पहले ट्वीट कर संजय निषाद पर तंज कसा। बोले- गोरखपुर में निषाद पार्टी की रैली के दौरान संजय निषाद के भावुक होने पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा- “ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के?”उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ रही है और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
लोहिया और शहीदों को किया याद
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने राम मनोहर लोहिया को याद करते हुए कहा कि समाजवादी आंदोलन ही देश को खुशहाली के रास्ते पर ले जा सकता है। उन्होंने भगत सिंह, सुखदेव थापर. और शिवाराम राजगुरु को भी श्रद्धांजलि दी।
बंगाल चुनाव पर बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी पाबंदियां लगाई जाएं, जनता एक बार फिर ममता बनर्जी को ही चुनेगी।
जातीय जनगणना पर सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार पिछड़ों और दलितों की गिनती से बच रही है। उनका साफ कहना था। “जिसका जितना हक है, उसे उतना सम्मान मिलना चाहिए।”
महंगाई और मुनाफाखोरी पर सवाल
उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया का सिद्धांत था कि जरूरत से ज्यादा मुनाफा कमाना भी भ्रष्टाचार है, और आज देश में बढ़ती महंगाई उसी का परिणाम है। अखिलेश यादव ने राज्य सरकार से सवाल किया कि जो एमओयू साइन हुए, उनमें से कितना निवेश जमीन पर उतरा और किस इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत आया।
किसानों और आलू संकट पर सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि आलू किसानों को भारी नुकसान हो रहा है और कई किसानों ने फसल तक नहीं निकाली। सरकार से पूछा कि खरीद के लिए घोषित बजट में से कितना आलू खरीदा गया।
LPG और महंगाई को लेकर चेतावनी
उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही एलपीजी के दाम बढ़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर आम जनता पर पड़ेगा।
