चंबा : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भरमौर क्षेत्र में रावी नदी के किनारे बन रहा निर्माणाधीन सियूर पुल भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्य को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि स्थानीय लोगों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह पुल रावी नदी पर बनाया जा रहा था, जो होली से भरमौर तक पहुंच को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना थी। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें गिरने लगीं, जिसने सीधे निर्माणाधीन पुल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पुल का बड़ा हिस्सा टूट गया और निर्माण सामग्री नदी में बह गई।
इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक रूप से यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे थे और पिछले दो वर्षों से लोक निर्माण विभाग द्वारा इसका कार्य किया जा रहा था। पुल के दोनों छोर पर स्टील रेलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका था और आने वाले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद थी।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज शर्मा ने बताया कि भूस्खलन के कारण पुल को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पुल का अधिकांश निर्माण सामग्री नदी में बह गया है, जिससे परियोजना को बड़ा नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इस पुल के निर्माण से क्षेत्र की दो पंचायतों को सीधा लाभ मिलने वाला था। स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस पुल का इंतजार था, क्योंकि यह उनकी रोजमर्रा की आवाजाही को काफी आसान बनाने वाला था। लेकिन इस हादसे के बाद एक बार फिर लोगों को कठिन रास्तों और लंबी दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ेगा। घटना के बाद क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के अभाव में उन्हें जरूरी कामों के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती है। ऐसे में इस पुल का क्षतिग्रस्त होना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में इस तरह के निर्माण कार्यों के दौरान भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए भविष्य में इस तरह की परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों और भूगर्भीय सर्वेक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल लोक निर्माण विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को फिर से बहाल किया जा सके।
