दिल्ली/लखनऊ : पूर्व सांसद और चर्चित कवि उदय प्रताप सिंह ने पूर्व राज्यपाल और किसान हितैषी नेता सत्यपाल मलिक के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि “सत्यपाल मलिक न केवल एक सच्चे नेता थे, बल्कि मेरे बेहद करीबी, और अच्छे मित्र भी थे। उनकी ईमानदारी, साफगोई और किसानों के लिए समर्पण आज की राजनीति में दुर्लभ था।”उदय प्रताप सिंह ने याद करते हुए कहा “1989 में मैं सांसद था, और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) मुख्यमंत्री थे। उस वक्त सत्यपाल मलिक पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह जी के साथ नेताजी से मिलने आते थे, तभी से हमारे अच्छे संबंध बन गए थे। उनका जाना सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी दुख भी है।”
किसानों का मसीहा चला गया
उन्होंने आगे कहा कि “देश ने एक सच्चा जननेता और किसानों का मसीहा खो दिया है। वे पद से ऊपर उठकर हमेशा सच बोलते थे। आज राजनीति में ऐसे लोगों की बहुत जरूरत है।”
