मुलताई/नई दिल्ली : पूर्व राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, सांसद और किसान हितैषी नेता सत्यपाल मलिक के निधन पर किसान संघर्ष समिति ने गहरा शोक जताया है। समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने उन्हें “किसानों की आवाज़ और आंदोलन के सच्चे समर्थक” बताते हुए श्रद्धांजलि दी। डॉ. सुनीलम ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को अपने पद पर रहते हुए खुलकर समर्थन दिया था। उन्होंने किसानों के पक्ष में बयान देकर केंद्र सरकार को चेताया भी था। उन्होंने कहा कि “पुलवामा हमले” के बाद सत्यपाल मलिक ने खुलकर कहा था कि यदि सीआरपीएफ को हेलीकॉप्टर दिए गए होते, और 300 किलो आरडीएक्स समय रहते पकड़ा गया होता, तो हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कई बार भ्रष्टाचार के मामलों में भी बेबाकी से पार्टी हाईकमान को जानकारी दी, जिसके बदले उन्हें चुप रहने का दबाव झेलना पड़ा।
केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच से उठानी पड़ी परेशानी
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डॉ. सुनीलम ने इस बात पर अफसोस जताया कि इतने बड़े पदों पर रहने के बावजूद, सत्यपाल मलिक को अंतिम समय एक छोटे कमरे में बिताना पड़ा, और केंद्रीय एजेंसियों की परेशानियां भी उन्हें झेलनी पड़ीं। उन्होंने कहा, “जब किसान आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रव्यापी संघर्ष के लिए कमर कस रहा है। ऐसे समय में सत्यपाल मलिक जैसे किसान नेता का जाना अपूरणीय क्षति है।”
