नई दिल्ली : देश में महंगाई को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में सरकार को घेरा है, वहीं कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आखिर क्या है पूरा मामला, देखते हैं इस रिपोर्ट में।
सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। नई दरें सात जून से लागू कर दी गई हैं। गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का असर सीधे आम जनता की रसोई पर पड़ने वाला है। पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान लोगों के लिए यह फैसला अतिरिक्त बोझ माना जा रहा है। एलपीजी के दाम बढ़ते ही विपक्षी दल सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शायराना अंदाज में भाजपा सरकार पर तंज कसा।
अखिलेश यादव ने लिखा,”रोटी के महंगे होने से थाली गई रूठ, भाजपा से अब तो, हर आस गई टूट।” अखिलेश का यह पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा,”महंगाई मैन मोदी का चाबुक फिर चला है। अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा कर दिया गया। मोदी का फंडा साफ है- जनता से वसूली करो, अमीर दोस्त की तिजोरी भरो।” कांग्रेस ने गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है।
दरअसल, सिर्फ घरेलू गैस सिलेंडर ही नहीं, बल्कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। एक जून को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
अगर पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। फरवरी में 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि मार्च में इसमें 115 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। जून की बढ़ोतरी को जोड़ दें तो पिछले पांच महीनों में गैस की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। महंगाई को लेकर लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि हाल ही में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी के दाम भी बढ़ाए गए हैं। दिल्ली और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, 15 मई के बाद से सीएनजी की कीमतों में चार अलग-अलग संशोधनों के जरिए कुल छह रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में परिवहन लागत बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी की कमर टूट रही है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय कीमतों में इजाफा कर रही है। दूसरी ओर सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों और अन्य आर्थिक कारणों को देखते हुए समय-समय पर दरों में संशोधन किया जाता है।
हालांकि, गैस सिलेंडर और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच आम जनता की चिंता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है। तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। विपक्ष इसे महंगाई का मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार पर अब जनता को राहत देने का दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।
