बरेली: शादी तय होने के बाद टूटे रिश्ते और पैसों के विवाद ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। करीब 15 साल पुराने इस सनसनीखेज हत्या मामले में बरेली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए रुकम सिंह और श्याम सुंदर उर्फ चिंटू को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषसिद्ध किया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित के अनुसार, उसने अपनी बेटी की शादी ग्राम रामनगर पूर्व देवी नारायण गौटिया, थाना विथरीचैनपुर निवासी श्याम सुंदर उर्फ चिंटू के साथ तय की थी। शादी तय होने पर रोका के तौर पर 55 हजार रुपये भी दिए गए थे। कुछ समय बाद आरोपी के पिता नरेंद्रपाल ने शादी से इनकार कर दिया और दिए गए रुपये भी वापस नहीं किए। इसके बाद पीड़ित ने अपनी बेटी की शादी दूसरी जगह कर दी।
पैसे मांगने पर भड़की थी हिंसा
27 मई 2010 को जब पीड़ित ने दुकान के सामने नरेंद्रपाल से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी रंजिश में कुछ समय बाद नरेंद्रपाल अपने बेटे श्याम सुंदर उर्फ चिंटू, भाई धर्मपाल और रुकम सिंह के साथ लाठी-डंडे और तमंचा लेकर पीड़ित के घर पहुंचा और हमला कर दिया। इस दौरान पीड़ित के भतीजे सौरभ को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या का मुकदमा
इस घटना के बाद थाना बारादरी में हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए, जिनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी माना।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने रुकम सिंह और श्याम सुंदर उर्फ चिंटू को धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 147 में एक-एक साल की कैद और 500-500 रुपये जुर्माना तथा धारा 148 में दो-दो साल की कैद और 1-1 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
