कोलकाता : पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है।
शनिवार को उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की तुलना सांप से कर दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक सांप की तरह है। अगर कोई अपने आंगन में एक या अठारह सांप पाल ले, तो अंत में वही सांप उसे काटेंगे। अभिषेक बनर्जी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में यह सुनिश्चित करें कि अलीपुरद्वार में कोई भी “सांप” न बचे।
कार्यक्रम के दौरान अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रुके। उन्होंने खुद को भाजपा से “दस गुना ज्यादा जिद्दी” बताते हुए कहा कि इस तरह के दबाव और रवैये के सामने सिर्फ भाजपा ही झुकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि आने वाले चुनाव में ईवीएम के जरिए भाजपा को सबक सिखाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग संविधान बदलने की सोच रखते हैं, उन्हें सत्ता से बाहर करना जरूरी है। रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल खड़े किए। अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने उन्हें ‘वैनिश कुमार’ तक कह डाला। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक जादूगर की तरह हैं, जो जिंदा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब कर सकते हैं और मृत लोगों को भी मतदाता बना सकते हैं। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया की तुलना नोटबंदी से करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह नोटबंदी के समय लोगों को परेशान किया गया था, उसी तरह अब मतदाता सूची के नाम पर भ्रम और डर का माहौल बनाया जा रहा है। बहरहाल, पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। अब देखना होगा कि अभिषेक बनर्जी के इन बयानों पर भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
