हिमाचल प्रदेश : सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक निजी बस भीषण हादसे का शिकार हो गई। कुपवी से शिमला जा रही यह बस हरिपुरधार के पास अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। बस में 45 यात्री सवार थे। इस दुर्घटना में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना इतनी भयावह थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल यात्रियों को खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान चीख-पुकार और मातम का माहौल था।
सूचना मिलने पर सिरमौर पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि घायलों को सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाने के लिए टीमों को लगाया गया है। गंभीर रूप से घायल पांच मरीजों को संगड़ाह, ददाहू और नाहन रेफर किया जा रहा है। कुछ घायलों को राजगढ़ में प्राथमिक इलाज दिया गया है। मेडिकल कॉलेज नाहन में भी गंभीर घायलों के उपचार के लिए पूरी तैयारी की गई है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह एक दुखद और संवेदनशील घटना है और प्रभावित परिवारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने भी हादसे को बेहद दुखद बताया। उन्होंने अपने आगामी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और हरिपुरधार के लिए रवाना हो गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कठिन समय में मानवता के नाते एक-दूसरे की मदद करें और घायलों तथा पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहें।
प्राथमिक जांच के अनुसार हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि बस दुर्घटना किस वजह से हुई। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल की ओर तेजी से बचाव और राहत कार्य जारी है और सभी घायलों को सुरक्षित अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। घटनास्थल पर चीख-पुकार और मातम का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन और पुलिस की मदद कर रहे हैं ताकि हादसे के प्रभावित लोग जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। इस बीच प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे राहत-बचाव कार्य में सहयोग करें और अफवाहों से बचें।
सिरमौर जिले में यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और निजी बस संचालन की सुरक्षा मानकों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अधिकारियों ने भी यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े नियम और निगरानी लागू की जाएगी।
