नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की वार्षिक रैली को संबोधित किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत एक दुखद घटना के जिक्र के साथ की और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। अजित पवार का निधन बारामती में हुए एक विमान हादसे में हुआ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह हादसा देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा, “आज सुबह महाराष्ट्र में एक दुखद विमान हादसा हुआ है। इस हादसे ने अजीत पवार जी और हमारे कुछ प्रिय साथियों को हमसे छीन लिया। अजीत दादा ने महाराष्ट्र और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैं उनके परिवार और हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।” इसके बाद प्रधानमंत्री ने रैली में मौजूद देश-विदेश से आए एनसीसी कैडेट्स का अभिनंदन किया। उन्होंने विशेष रूप से गर्ल्स कैडेट्स की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का संस्कार भरने वाला आंदोलन है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते वर्षों में एनसीसी कैडेट्स की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 20 लाख हो चुकी है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यही समय है, सही समय है, जब भारत का युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। सरकार का प्रयास है कि इस अवसरों से भरे दौर का अधिकतम लाभ युवाओं को मिले। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह डील भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर, नवाचार और प्रेरणा की आजादी लेकर आई है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और बदलते युद्ध के स्वरूप पर भी बात की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत की सैन्य ताकत और स्वदेशी हथियारों की क्षमता को पूरी दुनिया के सामने स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई केवल सीमा पर नहीं, बल्कि कोड और क्लाउड दोनों जगहों पर लड़ी जाती है। ऐसे में तकनीक और युवा कौशल देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। अंत में प्रधानमंत्री ने नागरिक कर्तव्यों पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों का आचरण, जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
