पीलीभीत : थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गोटिया गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सांड दो मकानों की दीवारों के बीच बने बेहद संकरे हिस्से में फंस गया। देर रात हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सांड काफी देर तक बाहर निकलने के लिए छटपटाता रहा, लेकिन जगह कम होने की वजह से वह बुरी तरह फंस गया। लगातार तड़पते सांड को देखकर आसपास के लोग भी परेशान हो उठे और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वेटरिनरी ऑफीसर डॉक्टर बृजेश गौतम अपनी टीम के साथ देर रात मौके पर पहुंचे। टीम ने हालात का जायजा लिया तो पता चला कि सांड को बिना दीवार तोड़े बाहर निकालना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने मकान मालिक से दीवार तोड़ने की अनुमति मांगी, लेकिन शुरुआत में मकान मालिक इसके लिए तैयार नहीं हुआ। मकान मालिक का कहना था कि दीवार तोड़ने से उसके घर को नुकसान होगा।
काफी देर तक समझाने और प्रशासन की ओर से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिए जाने के बाद मकान मालिक दीवार तोड़ने के लिए राजी हुआ। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मजदूरों की मदद से दीवार तोड़ने का काम शुरू किया। पूरी सावधानी के साथ दीवार को तोड़ा गया ताकि सांड को कोई चोट न पहुंचे। करीब कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कमरे के अंदर से सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही सांड बाहर निकला, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू अभियान के दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा रहे और पूरी रात घटनास्थल पर भीड़ लगी रही।
वेटरिनरी ऑफीसर डॉक्टर बृजेश गौतम ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। सांड काफी देर से फंसा हुआ था और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। ऐसे में दीवार तोड़ना जरूरी हो गया था। उन्होंने बताया कि पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सांड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि मकान मालिक को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने डॉक्टर बृजेश गौतम और उनकी टीम की जमकर सराहना की। गांव वालों का कहना था कि अगर समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता तो सांड की जान भी जा सकती थी। फिलहाल सांड पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है और घटना के बाद गांव में राहत का माहौल है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी
