Lucknow Kanpur Expressway News: सड़क धंसने पर बड़ा एक्शन, टोल फ्री हुआ एक्सप्रेसवे, PNC Infra ब्लैकलिस्ट
मरम्मत पूरी होने तक यात्रियों से नहीं लिया जाएगा टोल, NHAI ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर की सख्त कार्रवाई
लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी एक्शन लिया है। एक्सप्रेसवे की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली पूरी तरह बंद रहेगी और यात्री बिना किसी शुल्क के सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया गया है तथा कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर हटाए गए, कई अधिकारियों पर गिरी गाज
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि लापरवाही के चलते परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। उनकी जगह बरेली के परियोजना निदेशक नवरत्न को लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई है। इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी परियोजना से हटाकर दो वर्षों के लिए सड़क परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
PNC इंफ्राटेक पर सख्त कार्रवाई
एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को भविष्य की परियोजनाओं के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। कंपनी की गारंटी जब्त करने, उसकी रेटिंग घटाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन साल तक प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही कंपनी को अपने खर्च पर लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थीम इंजीनियरिंग को भी नोटिस
स्वतंत्र इंजीनियरिंग एजेंसी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया है। एजेंसी को भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आईआईटी खड़गपुर करेगी तकनीकी जांच
सड़क की गुणवत्ता की जांच लेजर प्रोफिलोमीटर मशीन से की जा रही है। वहीं आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की तकनीकी जांच करेगी। यह टीम सड़क धंसने के मूल कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपेगी।
मरम्मत पूरी होने तक टोल रहेगा बंद
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य पूरा होने तक किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जाएगा। टोल राजस्व से होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक से की जाएगी। गौरतलब है कि 13 जुलाई को उद्घाटन के बाद महज 20 दिनों में एक्सप्रेसवे पर पांच स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
