प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और अयोध्या में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल, पीड़ित परिवारों को मुआवजे और भविष्य में पक्के मकान का वायदा
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और अयोध्या में हालिया ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों की अलग व्याख्या की है। आयोग ने कहा है कि लिखित नोट, टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच-पड़ताल बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक एसआईआर समेत उसके फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
10 महीने में 14 बार आपत्ति, अखिलेश ने उठाए सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया में सामने आई उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और निर्देशों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। अखिलेश ने कहा कि यदि किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के सदस्यों को अपने तरीके से न्यायपूर्ण काम करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी आपत्तियों की सुनवाई नहीं होती, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना गंभीर स्थिति है। हालांकि, आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि बहु-सदस्यीय आयोग में अलग-अलग सुझाव, टिप्पणियां और आपत्तियां आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के मुताबिक अंतिम फैसले स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत और तीनों आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए। आयोग ने यह भी कहा कि केवल आंतरिक टिप्पणियों को आधार बनाकर उसकी पूरी कार्यप्रणाली पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
2022 के चुनाव और उपचुनावों को लेकर भी आरोप
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और बाद में हुए उपचुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को शिकायतें तथा शपथपत्र दिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने मीरापुर, कुंदरकी,कानपुर, करहल, कटेहरी और मिल्कीपुर के उपचुनावों को लेकर भी गड़बड़ी के आरोप लगाए।
आने वाला यूपी विधानसभा चुनाव आखिरी चुनाव होगा – अखिलेश
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की तैयारियों के नाम पर ट्रांसफर -पोस्टिंग की जा रही है और अधिकारियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता अपने मतदान के जरिए सरकार को जवाब देगी।उनके इस बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
अयोध्या के पीड़ित परिवारों से मिले अखिलेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अखिलेश यादव ने अयोध्या में हालिया ध्वस्तीकरण कार्रवाई से प्रभावित बताए जा रहे परिवारों से मुलाकात की। सपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक पीड़ित परिवारों ने मकान और दुकान।टूटने तथा सामान के नुकसान की शिकायतें उनके सामने रखीं।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि गरीबों के मकान और दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया तथा लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास के खिलाफ नहीं है। अखिलेश ने कहा कि ‘प्रभु श्रीराम और अयोध्या नगरी के विकास में समाजवादी और हम सब कभी भी रोड़ा नहीं बन सकते।’
‘जो खोया उसकी भरपाई करेंगे’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में जिन लोगों के मकान और दुकानें टूटी हैं, सरकार को उनके नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं देती है तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनकी भरपाई करने, नुकसान की भरपाई और पक्का मकान देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अपने बयान में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान विस्थापित किए गए गांवों का उदाहरण भी दिया और कहा कि उस समय प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया गया था।
‘गरीब के प्रति सरकार का रवैया लिबरल होना चाहिए’
उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होनी चाहिए और गरीबों के प्रति उसका रवैया संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने सरकार पर हर स्तर पर मनमानी करने का आरोप लगाया और कहा कि लोगों के घर और दुकानें टूटने से परिवारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
‘जो पीड़ित, वो पीडीए’
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि लोग अपना दर्द लेकर आते हैं और उम्मीद लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ा बढ़ रही है, इसलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है और इसके लिए उन्होंने नारा दिया-‘जो पीड़ित, वो पीडीए।’
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
