किरण रिजिजू और राहुल गांधी की बैठक के बाद तेज हुई हलचल, सरकार विपक्षी दलों से बना रही सहमति
नई दिल्ली: संसद में जारी गतिरोध के बीच परिसीमन विधेयक को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच हुई अहम बैठक में विशेष सत्र को लेकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सरकार 15 अगस्त के बाद 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुला सकती है, जिसमें परिसीमन विधेयक पर चर्चा कर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक विशेष सत्र की तारीख और एजेंडा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार परिसीमन विधेयक पर व्यापक सहमति बनाने के लिए विभिन्न विपक्षी दलों से लगातार संपर्क कर रही है। किरण रिजिजू को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अन्य विपक्षी नेताओं से संवाद के लिए कई केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार अगले सप्ताह विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 (एफसीआरए संशोधन विधेयक) भी संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस विधेयक में विदेशी अंशदान से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
कांग्रेस ने परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रखने की बात दोहराई है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार यह विधेयक संसद में लाती है तो उसका विरोध किया जाएगा। मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में भी इस मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया गया था।
सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाना चाहती है। प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने और संविधान के संबंधित प्रावधानों में संशोधन का रास्ता तैयार किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।