व्हाट्सएप पर फंसाया, टूरिस्ट वीजा और नौकरी का दिया लालच; साइबर थाना, बैंक और I4C के समन्वय से 8,49,199 रुपये हुए रिकवर
बरेली : यूपी के बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीड़ित को 8 लाख 49 हजार 199 रुपये की पूरी रकम वापस दिला दी। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस का आभार जताया। पुलिस ने आमजन से भी साइबर ठगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, नवाबगंज थाना क्षेत्र के गुलड़िया धीमर बबूरा गांव निवासी अनमोल सिंह ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सतेंद्र पाल सिंह उर्फ प्रिंस नाम बताने वाले एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर विदेश में नौकरी और टूरिस्ट वीजा दिलाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों से 8,49,199 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई
ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर साइबर पुलिस ने जांच शुरू की। पहले इंस्पेक्टर कामेश सिंह और बाद में प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय के नेतृत्व में टीम ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), संबंधित बैंकों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर धनराशि के लेन-देन की जांच की।
ठगी की रकम कराई वापस
लगातार तकनीकी जांच और बैंकिंग समन्वय के बाद पुलिस ने ठगी गई 8,49,199 रुपये की पूरी राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी। रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उसके परिजनों ने साइबर पुलिस का धन्यवाद दिया। एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in� पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
