कानपुर : कानपुर में यूजीसी को लेकर उठे विवाद और भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नवाबगंज स्थित पंडित दीनदयाल सनातन धर्म विद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की अहम समन्वय बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और जमीनी स्तर से मिल रहे फीडबैक पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी और संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के भीतर चली अंदरूनी खींचतान का असर कई सीटों पर देखने को मिला था। खासतौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन और फतेहपुर जैसी सीटें भाजपा के हाथ से निकल गईं, जबकि फर्रुखाबाद सीट पार्टी के खाते में बेहद मुश्किल से आ पाई थी। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अब संगठन को फिर से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और संघ के बीच इस तरह की बैठकें बेहद अहम मानी जा रही हैं। इन बैठकों के जरिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली जा रही है और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक के दौरान यह भी चर्चा रही कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए और संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाया जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचकर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महान क्रांतिकारी की पावन स्मृतियों को नमन करते हुए उनके बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।