जालौन : कुठौंद थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात को एक दुखद और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। कुठौंद थाने के प्रभारी, इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने कथित रूप से अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मार ली, जो उनके सिर के आर-पार हो गई। गोली की आवाज सुनकर उनके हमराही तुरंत उनके क्वार्टर की ओर दौड़े। दरवाजा खोलने पर उन्होंने पाया कि इंस्पेक्टर खून से लथपथ पड़े हैं और उनके हाथ के पास रिवॉल्वर पड़ी हुई थी।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने दो घंटे तक उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे जिले में सदमा फैला दिया है। यह हादसा उरई जिला मुख्यालय से लगभग 51 किलोमीटर दूर कुठौंद थाने में हुआ।
एसपी दुर्गेश कुमार ने बताया कि फिलहाल सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि मौत के पीछे के सच को उजागर किया जा सके।
अरुण कुमार राय मूल रूप से संत कबीरनगर जिले के थाना घनघटा क्षेत्र के रहने वाले थे। वे परिवार में दो भाई थे, जिनमें बड़े भाई का नाम अरविंद कुमार है। उनकी पत्नी माया राय हैं और उनका एक बेटा अमृतांश है, जो कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है।
अरुण कुमार राय का पुलिस विभाग में लंबा अनुभव रहा। उन्होंने 1998 में सिपाही के पद पर अपनी पहली पोस्टिंग हासिल की थी। इसके बाद विभागीय परीक्षा पास करने के बाद 2012 में उन्हें दरोगा बनाया गया। वर्षों की मेहनत और अनुभव के बाद 2023 में उन्हें प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया।
लोकसभा चुनाव 2024 के समय उन्हें जालौन में पोस्टिंग मिली और यहां उन्हें जिले का मीडिया प्रभारी बनाया गया। जुलाई 2024 में उनकी पहली पोस्टिंग कोंच कोतवाली के प्रभारी के रूप में हुई, जहां उन्होंने लगभग 8 महीने तक सेवा दी। इसके बाद उन्हें उरई शहर कोतवाली में ट्रांसफर किया गया, जहां वे लगभग 7 महीने रहे। चार महीने पहले उन्हें कुठौंद थाने के प्रभारी के रूप में तैनात किया गया था।
कुआंटाइन में यह घटना पुलिस विभाग के लिए भी एक बड़ा झटका है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय को उनके सहकर्मियों और अधीनस्थों द्वारा एक मेहनती और जिम्मेदार अफसर के रूप में जाना जाता था। उनके निधन की खबर से उनके साथी अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस विभाग की ओर से बताया गया है कि जांच के दौरान इंस्पेक्टर की पोस्टिंग, मानसिक स्थिति और विभागीय रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जाएगी। साथ ही, उनके क्वार्टर और थाने के आसपास के इलाके में सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। एसपी दुर्गेश कुमार ने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों में इस घटना को लेकर भारी शोक का माहौल है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय का प्रशासन और आम जनता के बीच सम्मान था, और उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। पुलिस विभाग ने कहा है कि इस घटना से प्रभावित परिवार को सभी जरूरी सहायता प्रदान की जाएगी।
