नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले पांच दिनों से गंभीर संचालन संकट का सामना कर रही है। इस दौरान 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिससे हजारों यात्री देशभर के हवाई अड्डों पर फँसकर परेशान होते दिखाई दिए। कई यात्रियों को अपने परिवारों से दूर एयरपोर्ट की फर्श पर रात गुजारनी पड़ी तो कुछ लोग विदेश जाने वाली कनेक्टिंग उड़ानें छूटने से बेहद तनाव में दिखाई दिए। लंबी कतारें, बार-बार जारी हो रहे कैंसिलेशन और स्पष्ट जानकारी के अभाव ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं।
लगातार बिगड़ती स्थिति ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी चिंतित कर दिया। मंत्रालय ने शनिवार को इंडिगो को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि रद्द उड़ानों का किराया किसी भी स्थिति में रविवार शाम तक यात्रियों को लौटा दिया जाए। मंत्रालय ने यह भी साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर रिफंड प्रक्रिया में कोई देरी या लापरवाही पाई जाती है तो एयरलाइन के विरुद्ध तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जिन लोगों की यात्रा इस संकट से प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी तरह का री-शेड्यूलिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा और उन्हें बिना अतिरिक्त भुगतान के अगली उपलब्ध उड़ानों में समायोजित किया जाएगा।
मंत्रालय ने इंडिगो को यह सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया है कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों से अलग हो गए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर सभी यात्रियों तक पहुँचा दिया जाए। हाल के दिनों में कई यात्रियों की शिकायतें सामने आई थीं कि उड़ान रद्द होने के बाद उनका सामान किसी दूसरे शहर भेज दिया गया था, जिसके चलते उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय ने एयरलाइन को तुरंत समाधान करने का निर्देश दिया है।
सरकार के इन कड़े निर्देशों के बाद इंडिगो ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। एक ट्वीट में कंपनी ने कहा कि हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी रद्द उड़ानों के रिफंड स्वचालित रूप से वापस किए जा रहे हैं। साथ ही एयरलाइन ने यह घोषणा भी की कि 5 दिसंबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच की यात्रा से जुड़े सभी रद्दीकरण या पुनर्निर्धारण अनुरोधों पर पूरी छूट दी जाएगी। यानी इस अवधि के यात्रियों को कैंसिलेशन या री-शेड्यूलिंग के लिए एक भी रुपए का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इंडिगो ने यात्रियों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि कंपनी स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
भले ही एयरलाइन की ओर से आश्वासन दिया गया हो, लेकिन जमीनी स्थिति अभी भी काफी गंभीर बनी हुई है। शनिवार को ही देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर 400 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि कई लोग सुबह से शाम तक उड़ान का इंतजार करते रहे, लेकिन अंत में उनकी उड़ान रद्द हो गई। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें लगातार बदलती सूचनाओं के बीच एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने जानकारी पाने की कोशिश की तो काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों के पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।
मंत्रालय ने एयरलाइन को देशभर के हवाई अड्डों पर विशेष यात्री सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र स्थापित करने का निर्देश भी दिया है। इन केंद्रों को प्रभावित यात्रियों से主动 संपर्क करने और उनके रिफंड तथा वैकल्पिक यात्रा व्यवस्थाओं को बिना बार-बार फॉलोअप कराए पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वचालित रिफंड की प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक इंडिगो का संचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता।
लगातार बढ़ते इस संकट ने यात्रियों के बीच काफी गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है। हजारों लोग अपनी योजनाओं और कामकाज से प्रभावित हुए हैं। फिलहाल नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इंडिगो अपनी सेवाओं को कब तक सामान्य कर पाती है और यात्रियों की परेशानियों का अंत कब होगा। सरकार की सख्ती और एयरलाइन की घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होगी, लेकिन फिलहाल यात्रियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।
