लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ में अलग-अलग इलाकों से एक ही दिन में तीन आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। नाका, पारा और सरोजनीनगर थाना क्षेत्रों में रहने वाले तीन लोगों एक दुकानदार, एक प्लंबर और एक युवक ने अपने घर में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक आत्महत्या के पीछे स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके हैं।
सरोजनीनगर में पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर दे दी जान
गौरी विहार कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय शिवमोहन त्रिपाठी, जो हाल ही में अपनी प्राइवेट नौकरी छोड़ चुके थे, नशे की हालत में घर लौटे और कमरे में जाकर पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। उनके परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। उनकी मां और पिता का निधन पहले ही हो चुका है और उनके पीछे एक छोटी बहन है।
पारा में बिजली के तार से घोटा गला
राजधानी के अवंती विहार निवासी 33 वर्षीय अजय, जो पेशे से प्लंबर थे, सुबह घर से निकले और दोपहर में नशे में लौटे। घर लौटने के बाद उन्होंने कमरे में जाकर पंखे से बिजली के तार के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पिता ने बताया कि अजय की शादी नहीं हुई थी और परिवार इस घटना से सदमे में है।
नाका में पत्नी के दुपट्टे लगाया फंदा
आर्यनगर निवासी 50 वर्षीय दिलीप मिश्रा, जो जनरल स्टोर चलाते थे, नशे में घर लौटे। उनकी पत्नी से कहासुनी के बाद उन्होंने कमरे में जाकर दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने कहा कि आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।
जानें क्या बोली पुलिस?
तीनों मामलों में पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की, और परिजनों से जानकारी ली। अभी तक कोई आरोप सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने कहा कि आत्महत्या के पीछे मानसिक तनाव, नशे की लत और पारिवारिक कलह जैसी वजहें हो सकती हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
