फर्रुखाबाद : गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक भाई और उसकी दो बहनों की मौत हो गई। सभी अपनी सुबह की दिनचर्या के अनुसार स्कूल के लिए निकले थे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार मिनी ट्रक (डीसीएम) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद तीनों शव बाइक समेत ट्रक के अगले हिस्से में फंस गए और करीब 50 मीटर तक सड़क पर घिसटते रहे।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के भूड़ नगला गांव निवासी राजन (19) अपनी चचेरी बहन काजल (15) और सेजल (12) को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहा था। काजल कक्षा 10 और सेजल कक्षा 6 में पढ़ाई करती थीं। उसी दौरान नबीगंज रोड पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि राजन और काजल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सेजल गंभीर रूप से घायल थी। उसके शरीर पर कई जगह फ्रैक्चर थे और वह दर्द से कराह रही थी। राहगीरों ने उसकी मदद की और अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। इस हादसे ने मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ा दिए।
हादसे की सूचना मिलते ही मोहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि राजन, काजल और सेजल के शव सड़क पर पड़े थे। इस दृश्य ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। राजन और काजल की मां जब शवों को देखी, तो वह चीखते हुए उनके शव से लिपट गईं और रोते-रोते बेसुध हो गईं।
परिजनों की गुस्साई भीड़ ने सड़क पर हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोपी ट्रक चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक चालक गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक वे शवों को अस्पताल नहीं भेजेंगे और अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे।

पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्हें शांति बनाए रखने की सलाह दी। वहीं, पुलिस डीसीएम के नंबर से आरोपी चालक को ट्रैक करने में लगी हुई है। स्थानीय लोगों और प्रशासन की यह कोशिश है कि आरोपी जल्द पकड़ा जाए ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और राहगीरों से अपील की है कि वे शांत रहें और जांच में सहयोग दें। पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। इसके चलते परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया, और उन्होंने प्रशासन पर दबाव डालना शुरू कर दिया। स्थानीय लोग भी हादसे से गहरे दुखी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर वाहन चालक अक्सर तेज़ रफ्तार में चलते हैं, जिससे इस तरह के हादसे होने की आशंका बनी रहती है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है।

इस हादसे ने पूरे मोहम्मदाबाद क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। तीनों बच्चों की मासूमियत और अचानक मौत ने गांववासियों और आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। प्रशासन और पुलिस इस बात का भरोसा दिला रहे हैं कि दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और न्याय मिलेगा। पुलिस के अनुसार, फिलहाल ट्रक की नंबर प्लेट और मार्ग के आधार पर आरोपी चालक का पता लगाने की कोशिश जारी है। वहीं, परिजन कानून की प्रक्रिया के तहत न्याय चाहते हैं और उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने से मना कर दिया है। घटना ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था के महत्व को फिर से उजागर किया है।
