बरेली : शहर में साइबर ठगों ने ऐसी वारदात अंजाम दी कि डिफेंस कॉलोनी के एक पेंशनर की जिंदगीभर की जमा पूंजी मिनटों में साफ हो गई। लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के नाम पर ओटीपी लेकर 25 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित ने इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल को अलर्ट कर दिया है।
फोन आया- “सर आपका लाइफ सर्टिफिकेट पेंडिंग”
डिफेंस कॉलोनी निवासी अनन्त कुमार, सेवानिवृत्त कर्मचारी, के मोबाइल फोन पर 1 दिसंबर को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम अनिल शर्मा बताया और खुद को सरकारी/बैंक अधिकारी जैसा प्रस्तुत किया। उसने कहा- “आपका लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं है, आज ही करवा दीजिए… लेकिन ओटीपी बताए बिना प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।”पेंशनर भरोसे में आए और ओटीपी बता दिया। ठगों की यही चाल उन्हें भारी पड़ गई।
सुबह ऐप खोला तो उड़े होश-खाते से 25 लाख गायब!
अगली सुबह जब अनन्त कुमार ने पीएनबी मोबाइल ऐप खोला तो उनके होश उड़ गए। खाते से पूरे 25 लाख रुपये गायब थे! लगातार कई ट्रांजैक्शन करके पूरी रकम उड़ा ली गई थी। पीड़ित के मुताबिक, यह सब कुछ रातोंरात उनके खाते से निकाला गया। घबराए पेंशनर इज्जतनगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अलर्ट-ठग का नंबर मिला, साइबर सेल जांच में जुटी
इज्जतनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत साइबर सेल को अलर्ट किया है। ठग का मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लग चुका है और इसी नंबर के जरिए गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की डिटेल, ट्रांजैक्शन रूट और नंबर ट्रैकिंग के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद है। साइबर एक्सपर्ट ने चेतावनी दी कि सरकारी विभाग, बैंक या पेंशन कार्यालय कभी ओटीपी नहीं मांगते। लाइफ सर्टिफिकेट सिर्फ बैंक शाखा/फेस रिकग्निशन ऐप/CSC केंद्र पर अपडेट होता है। फोन पर मिलने वाले कॉल 99% ठगी होते हैं।
