नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो हालिया ऑपरेशनल संकट के बाद फिर चर्चा में है। 3, 4 और 5 दिसंबर को हुई भारी अव्यवस्था के कारण हजारों यात्री घंटों तक हवाईअड्डों पर फंसे रहे। किसी की फ्लाइट देर से चली, तो किसी की बिना समय पर सूचना दिए रद्द कर दी गई। सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई और इंडिगो को गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ा। अब एयरलाइन ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है रिफंड के साथ अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
इंडिगो का कहना है कि जिन यात्रियों ने अपने टिकट किसी ट्रैवल पार्टनर या थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से बुक किए हैं, उनके रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, इन यात्रियों का पूरा डेटा एयरलाइन के सिस्टम में उपलब्ध नहीं होता। इसलिए इंडिगो ने ऐसे यात्रियों से अपील की है कि वे अपने टिकट, PNR और यात्रा विवरण को customer.experience@goindigo.in
पर भेजें, ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके।
एयरलाइन ने साफ स्वीकार किया है कि 3, 4 और 5 दिसंबर के दौरान यात्रियों का अनुभव बेहद खराब रहा। भारी भीड़, लंबा इंतजार और कैंसिलेशन के कारण यात्री मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान हुए। इसी वजह से इंडिगो ने उन यात्रियों को, जिन्हें सबसे ज्यादा असुविधा झेलनी पड़ी, 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर देने की घोषणा की है। ये वाउचर अगले 12 महीनों तक इंडिगो की किसी भी उड़ान में इस्तेमाल किए जा सकेंगे और यह राशि रिफंड से अलग और अतिरिक्त होगी।
इसके साथ-साथ इंडिगो ने यह भी कहा है कि वह सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार उन यात्रियों को 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा देने के लिए भी तैयार है, जिनकी फ्लाइट बिना सूचना दिए डिपार्चर से 24 घंटे के अंदर रद्द की गई थी। DGCA के नियमों के अनुसार यह मुआवजा देना अनिवार्य है और एयरलाइन ने इसे मानने का भरोसा दिया है।
इस पूरे मामले के बाद सवाल ये है कि क्या इंडिगो का यह फैसला यात्रियों का भरोसा वापस दिला पाएगा? विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की असुविधा के बाद एयरलाइन को इस तरह के कदम उठाना ही पड़ता है। पारदर्शिता, त्वरित रिफंड और अतिरिक्त मुआवजा निश्चित रूप से ग्राहकों को राहत देगा और स्थिति को सामान्य बनाने में मदद करेगा। अंत में इंडिगो ने यह भी कहा है कि वह भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए अपने ऑपरेशनल सिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उसकी पहली प्राथमिकता है और हालिया घटनाओं से मिली सीख के बाद एयरलाइन अपने सिस्टम को और बेहतर बनाएगी।
