बरेली : यूपी के बरेली में श्रावण (सावन) माह में कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार बरेली परिक्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चार जिलों बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में सुरक्षा के लिए कुल 6 हजार से अधिक पुलिसबल को तैनात किया गया है। डीआईजी साहनी ने बताया कि क्षेत्र को 08 सुपर जोन, 26 जोन, 78 सेक्टर और 218 सबसेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
10 एसपी, 28 सीओ को सुरक्षा का जिम्मा
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बरेली मंडल में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस अधीक्षक 10, क्षेत्राधिकारी 28, थानाध्यक्ष/निरीक्षक 83, निरीक्षक 110, उप निरीक्षक 855, मुख्य आरक्षी 767, आरक्षी 2357, महिला पुलिस 879, होमगार्ड 911,PAC कंपनियां 7 (23 प्लाटून), RAF कंपनियां 1 aur अतिरिक्त कंपनियां (मुख्यालय से) 4 हैं। पूरे मार्ग की ड्रोन से निगरानी, हर शिविर में अनिवार्य सीसीटीवी कैमरे, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए IT सेल सक्रिय।
यातायात नियंत्रण और डायवर्जन
भारी वाहन प्रतिबंधित विशेषकर बरेली-बदायूं मार्ग पर बंद रहेंगे। इसके लिए वैकल्पिक रूट दिए गए हैं। बरेली से दिल्ली जाने वाले वाहन बरेली बाईपास से,बदायूं की ओर भारी वाहन हरदोई मार्ग से, रोडवेज बसें बुखारा मोड़, आंवला, सहसवान रूट से हर कांवड़िए के पास ID कार्ड अनिवार्य, महिला कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम।
कांवड़ की ऊंचाई सीमा और यात्रा मार्ग के दिशा-निर्देश
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। यात्रा मार्ग की मर्यादा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सीमा तय की गई है। साथ ही, श्रद्धा के माहौल को बनाए रखने के लिए यात्रा मार्ग में मांस की सभी दुकानों को पूर्णतः बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। आवश्यक वस्तुएं सप्लाई करने वालों के लिए विशेष पास जारी किए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
गंगा घाट और शिव मंदिरों की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंगा घाटों और प्रमुख शिव मंदिरों पर विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। फ्लड पीएसी की टीमों के साथ नाव और गोताखोर तैनात किए गए हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके। सभी प्रमुख मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है।
स्थानीय सहयोग और उत्तराखंड से समन्वय
कांवड़ यात्रा के दौरान शांति और समन्वय बनाए रखने के लिए यात्रा मार्ग में आने वाले कस्बों और गांवों के प्रमुखों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। प्रत्येक कांवड़ संघ के साथ एक नोडल सब-इंस्पेक्टर (SI) को जोड़ा गया है, ताकि किसी भी समस्या या विवाद का मौके पर ही समाधान हो सके। उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी समन्वय बैठक आयोजित की गई है, जिससे राज्य सीमाओं पर बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।
डीआईजी का संदेश
श्रावण सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द का भी पर्व है। किसी भी अफवाह या धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
