लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में नौ साल बाद जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। विशाल रैली में प्रदेशभर से लाखों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच से मायावती ने कहा कि “बसपा की सरकार बनने पर दलितों और पिछड़ों के खिलाफ बने सभी कानूनों को बदला जाएगा।”
उन्होंने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार बनेगी जो ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर काम करेगी। मायावती ने कहा कि बसपा की रैली में भीड़ पैसों से नहीं, बल्कि लोगों की लगन और आत्मविश्वास से जुटी है “हमारे कार्यकर्ता अपनी खून-पसीने की कमाई खर्च कर यहां पहुंचे हैं।”
आकाश आनंद की जमकर तारीफ
रैली के दौरान मायावती ने पार्टी नेता आकाश आनंद की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “आकाश पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए मेरे निर्देशन में लगातार मेहनत कर रहे हैं। उनके प्रयासों से बसपा समर्थक फिर एकजुट हो रहे हैं।”
मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर परिस्थिति में आकाश आनंद का समर्थन करें।
“2027 में बसपा की बनेगी सरकार”
मायावती ने कहा कि यह रैली अब तक हुई सभी रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि “2027 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से बसपा की सरकार बनेगी।” उन्होंने कहा कि वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगी और “जातिवादी दलों की संविधान विरोधी राजनीति” के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगी। मायावती ने समर्थकों को निर्देश दिया कि बूथ स्तर पर छोटी-छोटी सभाएं कर बसपा शासनकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुँचाएँ।

बसपा अकेले लड़ेगी चुनाव
बसपा सुप्रीमो ने दोहराया कि पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है, क्योंकि बसपा का वोट सहयोगियों को चला जाता है, लेकिन उनका वोट बसपा को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि “जब भी गठबंधन सरकार बनी, वह कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई।इसलिए अब बसपा किसी से गठबंधन नहीं करेगी।”
“जातिवादी पार्टियों ने किया बसपा के खिलाफ षड्यंत्र”
मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा और सपा ने 2007 में बसपा की सरकार आने के बाद षड्यंत्र किया ताकि बसपा केंद्र की सत्ता तक न पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि “इन दलों ने ईवीएम के सहारे बसपा को कमजोर करने की साजिश रची और बिकाऊ लोगों को खरीदकर दलित वोटों को बांटने की कोशिश की।”
“सपा-कांग्रेस और भाजपा ने आरक्षण का किया विरोध”
मायावती ने कहा कि इन दलों ने पदोन्नति में आरक्षण का खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा, “सपा ने सदन में आरक्षण बिल तक फाड़ दिया था। कांग्रेस ने इमरजेंसी लगाकर संविधान का अपमान किया। आज वही लोग संविधान की कापी लेकर नाटक कर रहे हैं।”
“योगी सरकार का भी धन्यवाद”
मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने कांशीराम के सम्मान में स्मारक स्थल बनाए थे, जिन्हें सपा सरकार ने बदल दिया था। साथ ही उन्होंने योगी सरकार का आभार जताया कि “इस सरकार ने स्मारक से होने वाली टिकट की आय को दबाया नहीं, बल्कि उसके रखरखाव में खर्च किया।
