बिहार: आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बुधवार को अपने 57 कैंडिडेट्स की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में तीन बाहुबलियों को टिकट दिया गया है। मोकामा से अनंत सिंह, एकमा से धुमल सिंह और कुचाएकोट से अमरेंद्र पांडेय को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। पहली सूची में यह भी स्पष्ट रूप से देखा गया कि इसमें एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को शामिल नहीं किया गया है। सूची में 10 अनुसूचित जाति के उम्मीदवार, छह मंत्री और चार महिलाएं शामिल हैं।
JDU ने बिहार विधानसभा की पांच प्रमुख सीटों सोनबरसा, अलौली, राजगीर, एकमा और मोरबा पर भी अपने कैंडिडेट उतारे हैं, जिन्हें चिराग पासवान के समर्थन वाले क्षेत्र के रूप में माना जाता है। पहली सूची में 18 मौजूदा विधायकों को रिपीट किया गया है, जबकि दो विधायकों सकरा से आदित्य कुमार और बरबीघा से सुदर्शन कुमार का टिकट कट गया है। 2020 में हिलसा सीट पर केवल 12 वोटों से जीतने वाले कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया को फिर से टिकट दिया गया है।
पार्टी ने कुछ सीटों पर मंत्री और वरिष्ठ नेताओं को ही उम्मीदवार बनाया है। सरायरंजन से विजय कुमार चौधरी के चुनाव लड़ने की संभावना थी, लेकिन पार्टी ने फिर से मंत्री विजय चौधरी को उम्मीदवार बनाया। इसी तरह, मंत्री महेश्वर हजारी के टिकट कटने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें कल्याणपुर से फिर से मौका दिया गया। अन्य उम्मीदवारों में मंत्री श्रवण कुमार को नालंदा, मदन सहनी को बहादुरपुर, सुनील कुमार को भोरे और सोनबरसा से रत्नेश सदा को मैदान में उतारा गया है।
2025 विधानसभा चुनाव में JDU कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। JDU ने साफ कर दिया है कि पार्टी चुनाव में NDA के पक्ष में, नीतीश कुमार के नेतृत्व और चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी। शुरुआत में NDA में कुछ असमंजस की स्थिति थी, लेकिन अब बीजेपी और अन्य सहयोगी दलों ने नीतीश के चेहरे पर मुहर लगा दी है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व को NDA के सभी घटक दल समर्थन दे रहे हैं। JDU ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के चुनावी नारे में ‘2025 से 2030, फिर से नीतीश’ शामिल है। इसके अलावा, चिराग पासवान की LJP(R) और जीतन राम मांझी की HAM पार्टी ने भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की सहमति जताई है। इस प्रकार JDU ने अपने शीर्ष नेताओं, बाहुबलियों और सामुदायिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पहली सूची जारी की है, जो पार्टी की चुनावी रणनीति का शुरुआती संकेत है।
