सुल्तानपुर: ज़िले के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के मियागंज मोहल्ले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। सुबह करीब साढ़े चार बजे एक घर में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। चंद मिनटों में एक के बाद एक बारह विस्फोट हुए, जिनकी आवाज़ एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि मकान की पूरी छत उड़ गई, दीवारें धराशायी हो गईं, और आसपास के पांच मकानों में गहरी दरारें पड़ गईं।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि जैसे ही पहला धमाका हुआ, पूरी बस्ती दहशत में आ गई। लोग अपने घरों से बाहर भागे तो देखा कि नासिर नामक पटाखा व्यवसायी के घर से आग और धुआं उठ रहा है। हर तरफ बारूद की तेज़ गंध फैली हुई थी और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे की ओर दौड़े। भीतर से चीखें सुनाई दे रही थीं। नासिर और उसके परिवार के सदस्य मलबे में दबे हुए थे। मोहल्लेवालों ने बड़ी मुश्किल से मलबा हटाकर परिवार को बाहर निकाला। इस दौरान कई लोग घायल हो गए।
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। राहत-बचाव कार्य शुरू हुआ और घायलों को आनन-फानन में जयसिंहपुर सीएचसी भेजा गया। डॉक्टरों ने वहाँ से पाँच लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों में नासिर की पत्नी जमातुल निशा (60), बेटा नूर मोहम्मद (25), कैफ (18), साहिल (10) और बेटी खुशी बानू (20) शामिल हैं। इनके अलावा आसपास के आठ लोग भी झुलस गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट के बाद घर के अंदर सुतली बम और पटाखे बनाने का सामान हर जगह बिखरा पड़ा था। दीवारें उखड़ चुकी थीं और छत का कोई नामोनिशान नहीं था। एक पड़ोसी लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि धमाकों के बाद घर में रखा एलपीजी सिलेंडर भी फट गया, जिससे धमाके की तीव्रता कई गुना बढ़ गई। यही सिलेंडर ब्लास्ट मकान की छत उड़ने और इतनी बड़ी तबाही की सबसे बड़ी वजह बना।
छत उड़ी: 5 घरों में दरारें आईं, 1 किमी तक आवाज सुनाई दी

मोहल्ले के ही एक अन्य निवासी लक्ष्मीकांत ने बताया कि नासिर पिछले करीब दस सालों से पटाखे बनाकर बेचने का काम करता था। हर साल दीपावली पर वह छोटे स्तर पर पटाखे तैयार करता और बेचता था। पहले के वर्षों में उसके पास लाइसेंस भी हुआ करता था, लेकिन इस साल उसका लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था। इसके बावजूद उसने घर में बारूद और पटाखा बनाने का सारा सामान जमा कर रखा था और अवैध रूप से पटाखे तैयार कर रहा था।
सीओ जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी, गोसाईगंज थाना अध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय, जयसिंहपुर कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र कुमार सिंह और मोतीगरपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने मलबा हटाने का काम शुरू करवाया और घटनास्थल से बारूद के सैंपल लिए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मकान के एक कमरे में बड़ी मात्रा में बारूद, गंधक, और पटाखों के खोल रखे हुए थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है और यह जांच की जा रही है कि आखिर बिना लाइसेंस के इतनी बड़ी मात्रा में बारूद घर में कैसे पहुंचा। प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य पटाखा विक्रेताओं पर भी सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं। इस हादसे ने दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस व्यवस्था की पोल खोल दी है। मियागंज के लोग अब भी दहशत में हैं, और हर किसी के ज़ेहन में वही गूंजती आवाज़ है — बारह धमाकों की वो सुबह जिसने कई परिवारों की ज़िंदगी बदल दी।
