बरेली : यूपी के बरेली शहर सीबीगंज बिजली सब स्टेशन में तैनात टीजी-टू का एक भ्रष्टाचार से जुड़ा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल ऑडियो में कर्मचारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “मैं तुम्हें काम दिलाकर कमाई कराता हूं, इसलिए जो पैसा मिलता है उसमें मेरा हिस्सा बनता है।”ऑडियो के वायरल होने के बाद एसडीओ रोहित सिंह ने त्वरित संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस मामले में बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर से बात की गई। मगर, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में होने की बात कहकर कुछ भी बताने से इनकार किया।
वायरल ऑडियो में सुनी गई ‘हिस्से’ की मांग
सूत्रों के मुताबिक, ऑडियो बातचीत कुदेशिया फाटक क्षेत्र से जुड़े एक बिजली कनेक्शन विवाद के बाद की बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि प्रफुल्ल सिंह ने एक उपभोक्ता से 30,000 रुपये लेकर मामला निपटाया था, और उसी रकम में से अपने हिस्से की मांग कर रहे थे। ऑडियो में स्पष्ट तौर पर कर्मचारी अपने सहयोगियों से कहते सुनाई देते हैं, “मैंने तुम्हारे लिए काम कराया, अब मेरा हिस्सा दो, वरना आगे से कोई काम नहीं होगा।”
कार्यालय में तलब, एसडीओ ने शुरू की जांच
ऑडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। एसडीओ (सीबीगंज) रोहित सिंह ने सोमवार को तत्काल कार्रवाई करते हुए टीजी-टू को कार्यालय में तलब किया और ऑडियो की सत्यता की जांच शुरू कर दी। एसडीओ ने कहा “मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। यदि ऑडियो सत्य पाया गया तो विभागीय नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मुख्य अभियंता की सख्ती के बावजूद नहीं सुधर रहे निचले कर्मचारी
पावर कॉरपोरेशन के बरेली जोन प्रथम के मुख्य अभियंता द्वारा लगातार सबस्टेशनों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। लेकिन इसके बावजूद, निचले स्तर पर कुछ कर्मचारी अब भी अनुशासनहीन और भ्रष्टाचारपूर्ण व्यवहार में लिप्त दिखाई दे रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया “ऐसे मामले विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। अब इन पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्रवाई तय है।”
विभागीय कर्मचारियों को चेतावनी
एसडीओ ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध लेनदेन या हिस्सेदारी मांगने की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया, तो निलंबन और FIR दर्ज करने से भी परहेज नहीं किया जाएगा। फिलहाल विभाग ने ऑडियो की वॉयस वेरिफिकेशन जांच के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया है। स्रोतों के अनुसार, यह ऑडियो 3 मिनट 26 सेकंड लंबा है और इसमें बातचीत के कई टुकड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं।
