बरेली : शहर की नोमहला मस्जिद में स्थित दरगाह नासरी मियाँ में 121वें उर्स-ए-नासरी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दरगाह की ओर से उर्स का आधिकारिक पोस्टर जारी कर तीन रोज़ा रूहानी कार्यक्रमों का ऐलान किया गया। उर्स का आयोजन सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा सुल्तान अहमद नासरी की सरपरस्ती में होगा। इसमें दूर-दराज़ से अकीदतमंद शिरकत करेंगे। नायब सज्जादानशीन ख़्वाजा सलमान अहमद के मुताबिक 13 रमज़ान को बाद नमाज़-ए-फ़ज्र क़ुरआन-ख़्वानी से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। शाम साढ़े पांच बजे परचम कुशाई के साथ उर्स का आगाज़ होगा।

हज़रत साबिर पाक के कुल शरीफ़ की रस्म
वक़्त-ए-मगरिब सामूहिक रोज़ा इफ़्तार होगा। ईशा-तरावीह के बाद ऑल इंडिया मुशायरा आयोजित किया जाएगा। इसमें बिलाल सहारनपुरी, ख़ुर्रम सुल्तानी, खुर्शीद हैदर, तस्लीम सरबर सीतापुरी, फ़करे मेरठी, सलमान जाफ़र, वसीम रज़ुआपुरी, सलमान आरिफ,अदनान कासिफ, शादाब कासगंज, ख़्वाजा श्यान अहमद नासरी और मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी सहित कई शायर शिरकत करेंगे। निज़ामत इसरार नसीमी और कन्वेंज़ बिलाल राज़ करेंगे।
4 को ख़त्म-ए-ख्वाजगान और विसाली कुल
बाद नमाज़-ए-फ़ज्र क़ुरआन-ख़्वानी के बाद सुबह 11 बजे ख़त्म -ए-ख्वाजगान और 11:30 बजे हज़रत नासिर मियाँ रहमतुल्लाह अलेह का विसाली कुल होगा। इसके साथ मिलाद पाक और महफ़िल -ए-समां का आयोजन किया।जाएगा। मगरिब पर रोज़ा इफ़्तार और तरावीह के बाद फिर महफ़िल-ए-समां होगी।
5 को कुल और रंग की महफ़िल
तीसरे दिन बाद फ़ज्र क़ुरआन -ख़्वानी, शाम 4 बजे महफ़िल -ए-समां और 121वें बड़े कुल की महफ़िल के बाद ख़ुसूसी दुआ की जाएगी। मगरिब में इफ़्तार, नमाज़ के बाद रंग की महफ़िल और ईशा के बाद ग़ुस्ल शरीफ़ व समां की महफ़िल देर रात तक जारी रहेगी।इस मौके पर ख़्वाजा श्यान अहमद नासरी, ख़्वाजा वसीम अहमद नासरी, सूफी वसीम मियां, समाजसेवी पम्मी ख़ां वारसी, शाहिद रज़ा नूरी, नन्ना मियां और फ़ाज़िल खान समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। उर्स-ए-नासरी का यह तीन रोज़ा आयोजन अकीदतमंदी, रूहानियत और सूफियाना रंग में डूबा होगा, जिसमें शहर ही नहीं बल्कि बाहर से भी ज़ायरीन की आमद की उम्मीद है।
