पीलीभीत : पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में कूड़ा वाहन और स्कूटी की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। नगर पालिका के एक वाहन चालक की शिकायत पर ग्राम प्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
घटना पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुझा रोड स्थित एफआरएफ कूड़ा खाद प्लांट के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका का वाहन चालक मोहित कुमार कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट पर पहुंचा था। इसी दौरान वहां खड़ी एक स्कूटी नगर पालिका वाहन की चपेट में आ गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
चालक मोहित कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। शिकायत में गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। चालक का कहना है कि घटना में उसे चोटें भी आई हैं।
वहीं स्कूटी सवार पक्ष का आरोप है कि नगर पालिका कर्मचारी वाहन को लापरवाही से चला रहा था। विरोध करने पर उसने अभद्र व्यवहार किया और स्कूटी पर वाहन चढ़ाने तक की धमकी दी। दोनों पक्षों के आरोपों के चलते मामला और अधिक विवादित हो गया।
दो अलग-अलग समुदायों से जुड़े लोगों के बीच विवाद होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। क्षेत्र में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
नगर पालिका कर्मचारी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत तीन नामजद और छह से सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब घटना का करीब एक मिनट दस सेकंड का CCTV वीडियो सामने आया। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मुकदमे में नामजद ग्राम प्रधान उसमें दिखाई नहीं दे रही हैं। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्राम प्रधान पक्ष का कहना है कि बिना पर्याप्त जांच के नामजद किया गया है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी