बरेली : यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी शनिवार को बरेली दौरे पर पहुंचे। उन्होंने मुस्लिम और ईसाई समाज के लोगों से मुलाकात कर समस्याएं सुनीं, और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश मौके पर ही दिए।मंत्री दानिश अंसारी ने कहा: “प्रदेश सरकार का उद्देश्य किसी भी मदरसे को बंद करना नहीं है। बल्कि, हम चाहते हैं कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिले, जिससे वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।”
मस्जिद पर सियासत को लेकर सपा पर तीखा हमला
मंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा“मस्जिदें इबादत की जगह हैं, राजनीतिक बहस का मंच नहीं। मस्जिदों में बैठकर राजनीतिक मीटिंग करना अनुचित है। सपा नेताओं को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।”उन्होंने कहा कि इमाम साहबों को भी सोचना चाहिए कि धर्मस्थल समाज को जोड़ने के लिए हैं, न कि राजनीतिक मंच के रूप में उपयोग के लिए। उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी पर हमले की निंदा की।
मुस्लिम, और ईसाई समाज के लोगों से की मुलाकात
इस मामले मंत्री ने ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया और शिक्षा, रोजगार व सामाजिक कल्याण से जुड़ी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।
अफसरों को दी हिदायत
राज्यमंत्री ने मौके पर मौजूद वक्फ बोर्ड, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अल्पसंख्यक समुदाय की शिकायतों का समाधान तेज़ी से और पारदर्शिता से किया जाए। दानिश अंसारी ने अंत में कहा कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास की भावना से कार्य हो रहा है। सरकार किसी को धर्म या जाति के आधार पर उपेक्षित नहीं रहने देगी।”
हज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने की मुलाकात
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग के राज्य मंत्री से मुलाकात कर हज से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को लेकर वार्ता की। पम्मी ख़ाँ वारसी ने मांग रखी कि ख़ुद्दामुल हुज्जाज (हज इंस्पेक्टर) की नियुक्ति में गैर सरकारी लोगों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अब तक केवल सरकारी नौकरी करने वाले ही हज इंस्पेक्टर बनाए जाते हैं, जबकि ऐसे कई समाजसेवी, इमाम और हज यात्रियों की सेवा में वर्षों से लगे लोग हैं जो इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि 40% कोटा गैर सरकारी सेवाभावी लोगों के लिए आरक्षित किया जाए। जिससे हज यात्रियों को बेहतर सहयोग मिल सके। इसके साथ ही हज यात्रा को आम मुसलमानों के लिए सुलभ और किफायती बनाने पर ज़ोर दिया गया। पम्मी ख़ाँ ने कहा कि यदि हज फ्लाइट्स की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए तो यात्रा की लागत में कमी आएगी और हज सस्ता हो सकेगा।इस अवसर पर अहमद उल्लाह वारसी ने मेहमान को इत्र भेंट किया। इस प्रतिनिधिमंडल में हज़रत सय्यद अमीर मियाँ, शहर इमाम मुफ़्ती खुर्शीद आलम, मुफ़्ती सय्यद क़फ़ील हाशमी, हाजी यासीन क़ुरैशी, हाजी सय्यद असद अली, हाजी कम्बर हुसैन, हाफ़िज़ अतीक हुसैन, हाजी फैसल शम्सी, नजमुल एसआई खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
