बरेली: निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट और 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को बरेली से रवाना हो गए। उनके सरकारी आवास पर प्रशासन ने दोपहर करीब पौने चार बजे नाम की नेम प्लेट हटाकर गेट पर ताला लगा दिया, जिससे उनके प्रस्थान की आधिकारिक पुष्टि हो गई। मगर, विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो लखनऊ स्थित अपने आवास पर गए हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया काफिला
प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त रखा। एसपी सिटी मानुष पारीक की निगरानी में अलंकार अग्निहोत्री को समर्थकों की भीड़ के बीच से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के चलते काफिला बिना किसी अव्यवस्था के रवाना हो गया।
कहां गए अलंकार अग्निहोत्री?
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक उनके गंतव्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट या लखनऊ की ओर जा सकते हैं। बरेली से उनका जाना पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है।
सुबह से ही प्रशासन अलर्ट मोड में
बुधवार सुबह उनके आवास पर नोटिस लगाया गया और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दामोदर पार्क समेत कई स्थानों पर सुरक्षा सघन रही। एसपी सिटी ने खुद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और काफिले की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
समर्थकों की रातभर मौजूदगी
इस्तीफा और निलंबन के बाद तीसरे दिन तक अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में ही रहे। इस दौरान उनके समर्थक रातभर बाहर डटे रहे। उन्हें आशंका थी कि प्रशासन उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जा सकता है। हालांकि पूरी स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में रही।
इस्तीफे से शुरू हुआ पूरा विवाद
सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे की घोषणा की थी। शाम को डीएम से मुलाकात के दौरान हालात बिगड़े और उसी रात शासन ने उन्हें निलंबित कर शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया।
नए प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति
जिला प्रशासन ने राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया था।
प्राइवेट वाहन से कराया गया रवाना
बुधवार दोपहर करीब 2:20 बजे अलंकार अग्निहोत्री को उनके सरकारी आवास से प्राइवेट फॉर्च्यूनर कार में सुरक्षा कर्मियों और समर्थकों के काफिले के साथ रवाना किया गया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।फिलहाल प्रशासन उनके गंतव्य को लेकर कुछ भी आधिकारिक रूप से बताने से बच रहा है, जिससे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, उनके सभी आरोपों का जिला प्रशासन ने खंडन किया है।
