नियमों को लेकर संगठन आमने -सामने, बरेली कलेक्ट्रेट बना विरोध का केंद्र, विरोध-समर्थन के बीच प्रशासन अलर्ट
बरेली : यूपी के बरेली में गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर माहौल गरमा गया। अलग-अलग संगठनों ने कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपे। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। खुद सीओ प्रथम आशुतोष शिवम मौके पर मौजूद रहकर पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे। प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नारेबाजी के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके साथ ही निलंबित PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी गो बैक की बात कही। उन्होंने लखनऊ के बाद एटा और हाथरस में समर्थकों व मीडिया से बातचीत करने को कहा। इसके साथ ही यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग उठाएंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी 2026 नियमों पर रोक लगाकर 2012 के नियमों को ही प्रभावी कर दिया है। इसके साथ ही भीम आर्मी ने यूजीसी 2026 पर रोक लगने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राष्ट्रीय सेवा संघ ने जताया कड़ा विरोध
राष्ट्रीय सेवा संघ के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। संगठन का कहना था कि शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार पर दी जानी चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि हर जाति और धर्म में गरीब भी हैं और सक्षम लोग भी, ऐसे में किसी एक वर्ग को प्राथमिकता देना सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि नए नियमों से समाज में भेदभाव और वैमनस्य बढ़ेगा। संगठन ने नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
राजपूत करणी सेना ने नियमों को बताया समाज के लिए घातक
राजपूत करणी सेना ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए नए यूजीसी नियमों को समाज के लिए घातक करार दिया। संगठन के नेताओं ने कहा कि यह व्यवस्था समाज को बांटने का काम करेगी और शिक्षा का माहौल भी प्रभावित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राजनीति से प्रेरित प्रतीत होता है, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। करणी सेना ने सरकार से नियमों को वापस लेने की मांग दोहराई।
भीम आर्मी ने नए नियमों का किया समर्थन
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने यूजीसी के नए नियमों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना था कि ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, सामाजिक न्याय और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम हैं। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिलाओं और दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ भेदभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नए नियमों से ऐसे मामलों पर रोक लगेगी
संगठन ने मांग की कि नियमों को देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किया जाए और आरक्षित वर्गों के लंबित पदों को जल्द भरा जाए। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल की तैनाती बनी रही। प्रशासन ने साफ किया कि सभी संगठनों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अनुमति दी गई थी और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
