बरेली : यूपी के बरेली में किसानों के हक की लड़ाई अब और तेज होने जा रही है। जिला यूथ कांग्रेस बरेली ने किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष साहिब सिंह ने गांधी पार्क चौकी चौराहे पर चल रहे किसानों के अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और धरना प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। यह धरना 17 जनवरी 2026 से लगातार जारी है और गुरुवार को यह सत्याग्रह 13वें दिन में प्रवेश कर गया। किसान उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम से जुड़े बदायूं के बजीरगंज क्षेत्र स्थित गोदाम में हुई कथित लूट, धोखाधड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
चार करोड़ की बीज लूट का आरोप, 10 हजार कुंतल गेहूं-धान बीज गायब
किसानों की मुख्य मांग है कि लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के 10 हजार कुंतल गेहूं और धान के बीज की लूट की निष्पक्ष जांच कराई जाए। किसानों का कहना है कि इस पूरे मामले में दोषियों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सैकड़ों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, प्रभावित किसानों को उनके बीज का पूरा मूल्य दिया जाए। इसके साथ ही उचित मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाए
यूथ कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि किसानों के साथ हुई इस लूट से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। सरकार को यह सोचना चाहिए कि किसानों को इस संकट से कैसे निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो कांग्रेस पार्टी संगठन पूरी ताकत के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
भाजपा सरकार पर कांग्रेस का सीधा हमला
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का अन्नदाता किसान आज हर स्तर पर परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली डबल इंजन सरकार अब किसानों का उत्पीड़न कर रही है और उनकी समस्याओं पर आंखें मूंदे बैठी है।
धरना स्थल पर मौजूद रहे किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता
धरना प्रदर्शन में किसान नेता डॉ. हरीश गंगवार, जगदीश सरन, ज़ाहिद अली, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, विपिन पटेल, उल्फत सिंह, सुरेश दिवाकर, आशीष रूस्तम, कमुरुद्दीन सैफी, आमिर सैफी समेत बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब सड़क से सदन तक लड़ाई की तैयारी
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन केवल बरेली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
