बरेली : यूपी के बरेली सैन्य स्टेशन पर बुधवार को 10वां सशस्त्र बल वेटरंस (पूर्व सैनिक) दिवस पूरे गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, युद्ध पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सेना के बैंड की देशभक्ति धुनों ने उपस्थित जनसमूह में देशप्रेम का संचार कर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर भारत क्षेत्र के अति विशिष्ट सेना मेडल से सम्मानित जनरल कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा रहे। उनके साथ उत्तर भारत क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल आईएस गिल समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
वीरता और त्याग को किया गया नमन
मुख्य अतिथि और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने 80 वर्ष पार कर चुके बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, युद्ध में भाग लेने वाले वेटरंस और वीर नारियों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि देश की आज़ादी और सुरक्षा पूर्व सैनिकों के बलिदान और समर्पण की वजह से ही संभव हो पाई है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान झांज, खुकरी नृत्य, गतका और सैन्य बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। सेना के बैंड द्वारा बजाई गई देशभक्ति धुनों ने माहौल को भावुक और गर्व से भर दिया। बड़ी संख्या में मौजूद पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
स्वास्थ्य, पेंशन और रोजगार की जानकारी को स्टॉल
पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए स्पर्श, एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS), बैंक, रोजगार एजेंसियों और अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय योजनाओं और रोजगार से जुड़ी जानकारी दी गई। मिलिट्री हॉस्पिटल की टीम ने मौके पर ही पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य जांच की।
वेटरन फैसिलिटेशन सेल और नौकरी के अवसर
वेटरन फैसिलिटेशन सेल के माध्यम से आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (AWPO) से जुड़े नियोक्ताओं ने पूर्व सैनिकों को निजी क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी दी। इस दौरान पूर्व सैनिकों की हैंडबुक का विमोचन भी किया गया। आयोजन में अखिल भारतीय पूर्व सेवा परिषद का विशेष सहयोग रहा।
सेवानिवृत सूबेदार ने बयां किया दर्द
कार्यक्रम में करगैना निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार बी. डी. शर्मा ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि 17 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए और 1962, 1965 व 1971 के युद्धों में देश सेवा की। 1962 में टैंक ड्राइवर रहे, 1965 में तोपखाना और 1971 में वायुसेना से अटैच रहे। उन्हें सेवा मेडल और रक्षा मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं ने उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई और जान से मारने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा।
कारगिल युद्ध की यादें साझा कीं
ऑनरेरी कैप्टन एस. सी. गुप्ता ने पीलीभीत बाईपास निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन एस. सी. गुप्ता ने कारगिल युद्ध के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें श्रीनगर के 970 सेक्शन कमांड की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इंजीनियर्स प्लाटून के साथ रात में पेट्रोलिंग के दौरान लैंड माइंस खोजकर निष्क्रिय करना और पीछे आ रही सेना के लिए सुरक्षित रास्ता बनाना उनका काम था। उन्होंने बताया कि रामवन क्षेत्र में बमबारी हुई थी, लेकिन सेना ने हालात पर तत्काल काबू पा लिया।
सम्मान और संवाद का मंच बना वेटरंस दिवस
पूर्व सैनिकों का कहना था कि इस तरह के आयोजन उन्हें सम्मान के साथ-साथ अपनी समस्याएं साझा करने का मंच भी देते हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूर्व सैनिकों के कल्याण और सम्मान के लिए सेना हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
