मैं डिप्रेशन में हूं…छात्रा की आपबीती से बरेली कैफे कांड बेनकाब
बरेली : यूपी के बरेली में 27 दिसंबर को सामने आए तथाकथित लव जिहाद के आरोप से जुड़े कैफे कांड ने अब और गंभीर मोड़ ले लिया है।शहर के राजेंद्र नगर स्थित एक कैफे में जन्मदिन मना रही नर्सिंग छात्रा की जुबानी सामने आई कहानी ने न सिर्फ घटना की भयावहता उजागर की है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मुझसे और मेरे दोस्तों से धर्म पूछा गया!
नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा ने बताया कि जन्मदिन के दौरान अचानक नारे लगाते हुए एक समूह कैफे में घुस आया। छात्रा के मुताबिक, हमलावरों ने उसके मुस्लिम सहपाठियों शान और वाकिब पर हमला किया, गाली-गलौज की और मौजूद सभी लोगों से उनका धर्म पूछा। छात्रा का कहना है,“मुझे डर लग रहा है। क्या अब मुझे अपने दोस्त भी धर्म देखकर चुनने होंगे?”
घटना के बाद छात्रा मानसिक तनाव में है और उसने हॉस्टल छोड़ दिया है।उसका कहना है कि इस घटना ने उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया है और वह डिप्रेशन से गुजर रही है।
27 दिसंबर को क्या हुआ था?
छात्रा ने बताया कि उसने अपने जन्मदिन पर करीब 40 क्लासमेट्स को आमंत्रित किया था, लेकिन 12 ही दोस्त आ सके। दोपहर करीब 12:30 बजे दोस्त कैफे पहुंचे और करीब एक घंटे बाद केक कटिंग के दौरान कथित तौर पर बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अंदर घुस आए आरोप है कि बिना किसी। जांच -पड़ताल के लव जिहाद का आरोप लगाकर मारपीट, अभद्रता और तोड़फोड़ की गई।
मेरे माता-पिता को कोई आपत्ति नहीं
छात्रा ने साफ कहा कि उसके माता-पिता और परिवार को उसके दोस्तों के धर्म से कभी कोई समस्या नहीं रही। “मैं सोशल मीडिया पर दोस्तों के साथ तस्वीरें डालती हूं।जन्मदिन मनाने से पहले मैंने माता -पिता से अनुमति ली थी। अगर उन्हें कोई आपत्ति नहीं, तो ये लोग मुझे गाइड करने वाले कौन होते हैं?
अब तक 6 गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि जिन दो नामों ऋषभ ठाकुर और दीपक पाठक को मुख्य आरोपी बताया जा रहा था, वे अब तक गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने शांति भंग के आरोप में शान, वाकिब और कैफे मालिक शैलेंद्र गंगवार को पहले हिरासत में लिया था। हालांकि, उन्हें बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर का वीडियो वायरल
घटना के बाद कथित मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने भगवा गमछा डालकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि“हमने कुछ गलत नहीं किया, सिर्फ दूसरे समुदाय के लड़कों के विरोध में आवाज उठाई।”उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार भी लगाई है। सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि ऋषभ ठाकुर पहले से जिला बदर है और उस पर चोरी व जानलेवा हमले जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
