बरेली : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने सियासी और सामाजिक हलचल मचा दी है। इस वीडियो में एक युवक ने न केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी की है, बल्कि पूरे क्षत्रिय समाज को भी अपमानजनक शब्दों से निशाना बनाया है।
कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन

इस मामले को लेकर राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रदेश महामंत्री सोनू ठाकुर शुक्रवार को भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी युवक आदित्य उपाध्याय उर्फ़ चीकू पंडित के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की।
वीडियो में हिंसक भाषा और धमकियां
वायरल वीडियो में आदित्य उपाध्याय मुख्यमंत्री और समाज के खिलाफ काटने-मारने जैसी बातें करता हुआ नज़र आ रहा है। जानकारी के अनुसार, यही युवक पहले भी पीलीभीत बाईपास पर फायरिंग कर वीडियो वायरल कर चुका है, जिसके चलते उस पर कार्रवाई हुई थी।
क्षत्रिय महासभा भी पहुंची SSP कार्यालय
इसी मुद्दे को लेकर क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी भी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र सौंपा। प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया कि आदित्य उपाध्याय का मकसद समाज में जातीय संघर्ष भड़काना है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब समाज के कुछ लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, तो उसने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी।
आपराधिक पृष्ठभूमि का आरोप
क्षत्रिय महासभा ने प्रशासन को बताया कि आदित्य उपाध्याय आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं और फिलहाल वह हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहा है। इस पूरे प्रकरण से क्षत्रिय समाज में गहरा आक्रोश है और विभिन्न संगठनों ने आरोपी पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अब प्रशासन की परीक्षा
यह मामला अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सवाल है कि क्या जिला प्रशासन और पुलिस वायरल वीडियो को गंभीरता से लेकर आरोपी के खिलाफ सख़्त कदम उठाएंगे, या फिर यह मुद्दा एक बार फिर सिर्फ़ ज्ञापन तक सीमित रह जाएगा।
