बरेली : यूपी के बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद तीसरे दिन रविवार को हालात सामान्य हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती जारी है, और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। मौलाना तौकीर रजा खां को पुलिस ने फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया है। वह शनिवार को जेल पहुंच गए थे। मगर, विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो उनको आम कैदियों की तरह रखा गया था। जेल की पहली रात काफी मुश्किल से कटी। उनको रात को जागकर काटना पड़ा। हालांकि, बताया जाता है कि देर रात सोने की उनकी आदत भी है। शनिवार को डीआईजी अजय कुमार साहनी, डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने रूट मार्च किया था। इस दौरान लोगों ने पुलिस अधिकारियों पर फूल बरसाए और कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी से शहर बड़े नुकसान से बच गया। इसके साथ ही व्यापारियों ने पुलिस अफसरों का फूलों से स्वागत कर शहर में शांति व्यवस्था कायम करने पर आभार जताया।
मौलाना को घर में पनाह देने वाले शादी हॉल संचालक की बिगड़ी तबियत
पुलिस मौलाना तौकीर रजा समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकीं है। इसमें से 11 को जेल भेजा गया है। मौलाना को शरण (पनाह) देने वाले बरातघर मालिक फरहत और उसका बेटा भी गिरफ्तार किया गया है। मगर,फरहत की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती। करीब 50 से ज्यादा लोग हिरासत में हैं। पुलिस की दबिश जारी हैं। बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल होने की बात सामने आई है। 125 नामजद और 3000 अज्ञात आरोपी चिह्नित।
इंटरनेट सेवा बंद, आधी रात के बाद बहाल होने की उम्मीद
शनिवार सुबह से बरेली जिले की इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। मगर,यह उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार आधी रात के बाद इंटरनेट सेवा शुरू हो सकती है। डीआईजी ने कहा है कि आरोपियों पर रासुका लगाने की तैयारी है। इसके अलावा SIT गठित कर सभी मुकदमों की तफ्तीश अलग-अलग थानों को सौंपी गई है। उधर, स्कूल प्रबंधन ने साफ किया कि “इस्लामिया मैदान में किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी।”
संवेदनशील इलाकों में सन्नाटा
शहर के सौदागरान और बिहारीपुर इलाकों में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। गली-गली में पुलिस तैनात रही और जगह-जगह चेकिंग की गई। केवल चाय, पान, मिठाई और मेडिकल स्टोर खुले रहे। रविवार को शहर के अन्य बाजारों में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल दिखी।
साजिश का खुलासा
इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां पर बड़ा आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार उसने 55 लोगों को फोन कर 1600 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाई और नाबालिगों को आगे रखकर माहौल बिगाड़ा। कॉल डिटेल से कई खुलासे हो रहे हैं। नदीम फिलहाल फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
प्रशासन का सख्त रुख
रविवार की छुट्टी में भी अफसर मुस्तैद दिखे। डीएम और एसएसपी रविवार हर चीज पर नजर रख रहे थे। शांति व्यवस्था कायम करने को बैठक की गई। इसके बाद शहर का भ्रमण करने की भी तैयारी है। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
