नई दिल्ली/इंदौर/लखनऊ : यूपी की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं।
स्विट्जरलैंड में रह रहीं पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर चंद्रशेखर आजाद के साथ हुई पर्सनल और ग्रुप चैट के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। रोहिणी ने सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चार महीने से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही।
चैट स्क्रीनशॉट में क्या लिखा?
रोहिणी द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में चंद्रशेखर आजाद की ओर से लिखा गया है “मैं अपने शब्दों के लिए माफी चाहता हूं… आपके जैसा साथी किस्मत वालों को मिलता है। मैं बदनसीब हूं।”दूसरे स्क्रीनशॉट में आजाद ने लगातार गुहार लगाई
“फोन उठा लो प्लीज… आपको आपकी मम्मी की कसम है… मेरा मरा मुंह देखोगी अगर अब फोन नहीं उठाया।”इन चैट्स में सांसद रोहिणी से बातचीत करने की बार-बार कोशिश करते नजर आए।
रोहिणी घावरी के आरोप
डॉ. रोहिणी ने आरोप लगाया कि“एक मामूली निर्दलीय सांसद देश की कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा है।” “कोई अपराधी अगर वोट लाने लायक हो जाता है, तो पुलिस उसकी ताकत देखती है, अपराध नहीं।” उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों और कौन चंद्रशेखर को बचा रहा है?। रोहिणी का दावा है कि आजाद पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चंद्रशेखर आजाद की सफाई
स्क्रीनशॉट में खुद चंद्रशेखर ने लिखा है कि “मैं अपने कहे शब्दों के लिए माफी चाहता हूं। मैं आपके फैसले का सम्मान करता हूं। जय भीम।”उन्होंने बातचीत में यह भी कहा कि उनके शब्दों से रोहिणी को दुख पहुंचा है और वह अपमान के लिए खेद जताते हैं।
मामला क्यों है बड़ा?
रोहिणी घावरी सिर्फ एक पीएचडी स्कॉलर ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा बुलंद करने वाली युवा शोधकर्ता हैं। वहीं, चंद्रशेखर आजाद हाल ही में नगीना से निर्दलीय सांसद चुने गए और बहुजन राजनीति के उभरते चेहरे माने जाते हैं। यह विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तरों पर चर्चा में है। हालांकि, सांसद चंद्रशेखर ने पिछले दिनों रोहिणी पर छवि खराब करने को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई है।
