बिजली विभाग के नोटिस के बाद भी नहीं लौटाया माल, न दिए जवाब
बरेली : मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (एमवीवीएनएल) की आरडीएसएस/लॉस रिडक्शन योजना के तहत काम कर रही यूनिवर्सल एमईपी इंजीनियरिंग एंड सर्विसेज लिमिटेड ने ठेकेदारों पर 53 लाख रुपये से अधिक का माल दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर धीरेन्द्र सिंह ने बरेली के प्रेमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि कोतवाली आलमगीरीगंज, बिहारीपुर, सिविल लाइन, डीडीपुरम और एकता नगर इलाके में काम के दौरान जारी की गई विद्युत सामग्री और डिस्मेंटल मटेरियल ठेकेदारों ने वापस नहीं किया।
नोटिस का जवाब न देने पर कार्रवाई
पुलिस को दी तहरीर में बताया गया कि मेसर्स एच.एस. इलेक्ट्रिकल (हरवीर सिंह, अमरोहा) ने 15,79,423, मेसर्स अक्की इंटरप्राइजेज (आकाश कुमार, अमरोहा) ने 6,61,069 और मेसर्स रविंद्र इंटरप्राइजेज (रविंद्र सिंह, गाजियाबाद) ने 31,12,013 यानी कुल मिलाकर 53,52,505 रुपये का माल ठेकेदारों पर बकाया है। कंपनी का आरोप है कि मौखिक चेतावनी, लिखित नोटिस और यहां तक कि कानूनी नोटिस देने के बावजूद ठेकेदारों ने सामान वापस नहीं किया।
इस लापरवाही की वजह से परियोजना भी समय पर पूरी नहीं हो सकी।
जांच में जुटी पुलिस
अब कंपनी ने मामला थाने में दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी प्रेमनगर ने मीडिया को बताया कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने दोषियों को किसी भी कीमत में न बख़्शने की बात कही है।
