जिंदगी के साथ भी, बाद भी, एलआईसी ने फिर रचा इतिहास, 69 साल की हुई LIC
मुंबई/लखनऊ/बरेली : भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) सिर्फ एक बीमा कंपनी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों का भरोसा है। 1 सितम्बर 1956 को स्थापित एलआईसी आज भी “जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी” के अपने स्लोगन को पूरी तरह सार्थक कर रहा है। बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा कहते हैं कि एलआईसी को आज यानी एक सितंबर को 69 साल हो गए हैं। मगर, आज एलआईसी भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। इसका नेटवर्क विशाल है। 8 जोनल कार्यालय, 113 मंडलीय कार्यालय और 2048 शाखाएं पूरे देशभर में कार्यरत हैं।
हर उम्र के लिए भरोसेमंद एलआईसी
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एलआईसी की नीतियां (Policies) हर आयु वर्ग के लिए तैयार की गई हैं। सबसे खास बात- दावा भुगतान (Claim Settlement Ratio) विश्व में सबसे ज्यादा है। यानी, ग्राहकों को न सिर्फ सुरक्षा बल्कि पूरा विश्वास भी मिलता है।
अर्थव्यवस्था में एलआईसी का योगदान
एलआईसी के पास लगभग 55 लाख करोड़ की परिसंपत्तियां (Assets) हैं। संजीव मेहरोत्रा बताते हैं कि करीब 50 लाख करोड़ का Life Fund मौजूद है। पंचवर्षीय योजनाओं में 54 लाख करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है। बिजली, सड़क, पुल, बंदरगाह और नहर निर्माण जैसे राष्ट्रीय विकास कार्यों में भी एलआईसी ने भारी निवेश किया है।
वित्त मंत्री को 7324.34 करोड़ के लाभांश का चेक सौंपा
इस बार एलआईसी ने 7324.34 करोड़ का लाभांश चेक वित्त मंत्री को सौंपा है। आज तमाम प्राइवेट बीमा कंपनियां मार्केट में मौजूद हैं, लेकिन जीवन बीमा निगम 70% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर कायम है। एलआईसी सिर्फ बीमा नहीं बेचता, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों का भरोसा और भविष्य की गारंटी बन चुका है।
