बरेली : यूपी की बरेली पुलिस लगातार अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में के थाना शाही और थाना सिरौली में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारम्भ किया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मीरगंज सर्किल के सभी तीनों थानों में ई-मालखाना प्रणाली संचालित हो गई है। इससे जब्त माल और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ेगी।
जब्त संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप में होगा उपलब्ध

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत अपराधियों से बरामद संपत्तियां, लावारिस वस्तुएं, मोटर वाहन अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त किए गए सामान का रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।ई-मालखाना सॉफ्टवेयर के माध्यम से थाना शाही और थाना सिरौली में रखे गए समस्त लंबित माल का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। इससे अभिलेखीकरण, निगरानी और न्यायालय में माल प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और प्रभावी हो जाएगी।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने किया शुभारम्भ, QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

एसपी साउथ अंशिका वर्मा और सीओ मीरगंज की मौजूदगी में थाना शाही में ई-मालखाना प्रणाली का लोकार्पण किया गया। वहीं थाना सिरौली में इस प्रणाली का शुभारम्भ वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस सॉफ्टवेयर की खास बात यह है कि प्रत्येक जब्त वस्तु पर QR कोड लगाया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही उससे जुड़ी पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा सिंगल क्लिक एक्सेस, रीयल-टाइम अपडेट, केंद्रीकृत डेटाबेस और आसान संचालन जैसी कई आधुनिक सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं।
स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा, न्यायालयीय प्रक्रिया होगी आसान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ई-मालखाना प्रणाली लागू होने से संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही न्यायालयीय कार्यवाही के दौरान आवश्यक अभिलेख और जब्त माल की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और मालखाने के संचालन में जवाबदेही भी बढ़ेगी। बरेली पुलिस का कहना है कि यह पहल डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी,आधुनिक और नागरिक -केंद्रित बनाने में मदद करेगी।
