श्रद्धा, रोशनी और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया जा रहा प्रभु यीशु का जन्मोत्सव
बरेली: क्रिसमस का पावन पर्व बरेली में पूरे हर्षोल्लास,श्रद्धा और शांति के माहौल के साथ मनाया जा रहा है। शहर के सभी चर्च दुल्हन की तरह सजे हुए हैं और सुबह से ही प्रार्थनाओं के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग अपने परिवार के साथ चर्च पहुंचकर प्रभु यीशु मसीह को याद कर रहे हैं, कैंडिल जला रहे हैं और शांति व सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर
शहर के प्रमुख चर्चों में शामिल चौकी चौराहा स्थित क्राइस्ट मेथोडिस्ट चर्च क्रिसमस के मौके पर आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह चर्च बरेली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक माना जाता है, जिसकी स्थापना 19वीं सदी में ईसाई मिशनरियों द्वारा की गई थी। उत्तर भारत में मैथोडिस्ट परंपरा की यह एक अहम कड़ी है। यहां सुबह से कैरल गीत गूंज रहे हैं और पादरी की अगुवाई में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा शहर के अन्य चर्चों को भी रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ी सुंदर झांकियां
चर्च परिसरों में प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ी सुंदर झांकियां लगाई गई हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु झांकियों के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। चर्च के भीतर सफेद वस्त्रों, फूलों और मोमबत्तियों से सजी वेदियां शांति और भक्ति का वातावरण बना रही हैं। कुल मिलाकर, बरेली में क्रिसमस का पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश भी दे रहा है। चर्चों में उमड़ी भीड़ और शहर में फैली रौनक यह दर्शा रही है कि क्रिसमस बरेली में एक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है।
